अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में बारिश खूब खलल डाल रही है। यूं तो प्रदेश भर में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है लेकिन मंडी महोत्सव में बारिश की वजह बड़ादेव कमरूनाग की नाराजगी बताई जा रही है।
दावा किया गया है कि गूर और कारदारों ने टारना मंदिर में पूछ डलवाई तो देव कमरूनाग ने देववाणी में अपना गुस्सा जाहिर किया। कहा कि शिवरात्रि मेले में देव परंपरा और देव संस्कारों को नहीं निभाया जा रहा। देवता की नाराजगी के बाद मान मनौव्वल का दौर शुरू हो गया है।
आयोजक देवता के दरबार पहुंच रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कमरूनाग को हर वर्ष मंडी शिवरात्रि मेले में पशु बलि दी जाती रही है। लेकिन प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा धार्मिक स्थलों पर पशु बलि पर प्रतिबंध की वजह से इस बार ऐसा नहीं किया गया है।
जल्द मनाया जाएगा देवता को
देव कमरूनाग के मंडी आगमन से ही शिवरात्रि का विधिवत आगाज होता है। कमरूनाग मंडी जनपद में इंद्र देवता के नाम से भी जाने जाते हैं। इन्हें बारिश का देवता माना जाता है। ऐसे में इस देवता को स्थानीय लोग काफी मानते हैं।
देवता के गूर धर्म दत्त के अनुसार देव कमरूनाग शिवरात्रि मेले में ताबड़तोड़ बारिश बरसा रहे हैं। धर्म दत्त और कटवाल निर्मल सिंह ने देवता के नाराज होने की पुष्टि की है। सर्व देवता कमेटी के प्रधान शिवपाल शर्मा ने कहा है कि देव कमरूनाग निराश हैं तो उन्हें मनाया जाएगा।
गौरतलब है कि कुल्लू दशहरे के दौरान भी देवताओं को पशुबलि नहीं दी गई थी।
पशु बलि पर अध्यादेश नहीं: सीएम
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि पशु बलि पर सरकार अध्यादेश नहीं लाएगी। लेकिन इस मामले को कोर्ट में रखा जाएगा। पशु बलि का मामला देव आस्था से जुड़ा है। सीएम ने यह बात महेश्वर सिंह द्वारा पशु बलि पर अध्यादेश लाने की मांग पर कही।
वीरवार सुबह मुख्यमंत्री सुलतानपुर पहुंचे। यहां उन्होंने पहले भगवान रघुनाथ मंदिर में मथा टेका। इसके बाद सीएम बंजार के विधायक कर्ण सिंह के घर ब्रेकफास्ट पर पहुंचे। हिलोपा के विधायक महेश्वर सिंह ब्रेकफास्ट पर नहीं आए।
इसके बाद सीएम कर्ण सिंह के घर करीब डेढ़ घंटे रुके और कई मुद्दों पर चरचा की। कर्ण सिंह की पत्नी ने इशारों में सीएम के आशीर्वाद के रूप में कर्ण सिंह को मंत्री पद देने की बात की।
रघुनाथ मंदिर को न्यास बनाने पर होगा विचार
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भगवान रघुनाथ मंदिर में पहुंचकर माथा टेका और पूजा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भगवान रघुनाथ मंदिर की सुरक्षा, समुचित अनुरक्षण और प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए न्यास बनाने पर विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में न्यास द्वारा संचालित मंदिर हैं, जिन्हें पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने के साथ इनका समुचित रखरखाव किया जा रहा है। मुख्यमंत्री खराब मौसम के चलते पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शिमला नहीं आ पाए और बाद में कांगड़ा के लिए रवाना हो गए।
वह आगामी 23 फरवरी तक कांगड़ा जिले के नूरपुर, फतेहपुर तथा देहरा विधान सभा क्षेत्रों के प्रवास पर रहेंगे। उल्लेखनीय है कि सीएम ने वीरवार को भी जनसभा में मंदिर की सुरक्षा के लिए मंच पर से महेश्वर सिंह को नसीहत दी थी।
शांता कुमार पर देवता सेवा समिति का पलटवार
वहीं, सर्व देवता सेवा समिति ने पशु बलि पर लगी रोक को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के बयान पर पलटवार किया है। शांता कुमार ने पशु बलि पर हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया था।
सर्व देवता सेवा समिति के प्रधान शिवपाल शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद शांता कुमार की ओर से दिया गया बयान देव समाज की प्राचीन परंपरा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस मामले को राजनीतिक तौर पर नहीं जोड़ा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से दिए गए बयान का समस्त देव समाज स्वागत करता है।
कुल्लू दशहरा में धूमल नाग ने तलब किए थे डीसी
बीते कुल्लू दशहरा में देवता धूमल नाग ने डीसी कार्यालय के बाहर पहुंचकर डीसी कुल्लू को गेट के पास तलब करके चेतावनी दी थी कि बलि प्रथा को शुरू किया जाए अन्यथा देवता आसमान से लोहे के गोलों की बारिश करेंगे। इसी तर्ज पर मंडी के अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले में बड़ादेव कमरूनाग भी देव परंपरा का निर्वहन न होने से क्रोधित हो उठे हैं।