प्राकृतिक खेती की दी जाएगी जानकारी
तीनों गांवों के लिए अब बनेगी सिंचाई परियोजना संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले के टुटू ब्लॉक के तीन गांवों को आत्मा परियोजना के तहत प्राकृतिक खेती के लिए मॉडल गांव बनाए जाएंगे। इन गांवों में किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसमें ब्लॉक के देवनगर पंचायत का देवनगर गांव, पिपलीधार पंचायत का चकनाहटतुन और बैंस पंचायत का पनियारा गांव शामिल है।
परियोजना के अधिकारियों के अनुसार मॉडल गांव बनाने के लिए शनिवार को तीन गांव का चयन कर लिया है। इन गांवों में प्रदेश सरकार की राजीव गांधी प्राकृतिक खेती संवर्धन योजना के तहत प्राकृतिक खेती के तहत मॉडल गांव बनाए जाएंगे। आत्मा परियोजना के तहत इन गांवों में किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि यह सभी गांव विभाग के क्लस्टरों से बाहर थे। इसके साथ ही इन गांवों में अभी तक कोई सिंचाई योजना की स्कीम भी नहीं थी और इन गांवों में अभी तक किसान प्राकृतिक खेती नहीं कर रहे थे।
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अब इन गांवों में आत्मा परियोजना के तहत सिंचाई परियोजना बनाई जाएगी। इसके अलावा किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए मिट्टी की उर्वरता, खेती के लिए बीज से लेकर फसल के लिए बाजार तक सभी प्रकार की जानकारी दी जाएगी। विभाग के अधिकारी समय-समय पर गांवों में जाकर किसानों को प्राकृतिक खेती की नई-नई तकनीकों के बारे में जानकारी देंगे। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए चार विभाग मिलकर काम करेंगे। इसमें कृषि, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग शामिल होंगे।
किसानों का करवाया जाएगा एक्सपोजर विजिट अधिकारियों के अनुसार मॉडल गांवों के किसानों को प्रशिक्षण के साथ एक्सपोजर विजिट पर भेजा जाएगा। इसके तहत पालमपुर, कुल्लू और शिमला के भीतर कृषि विज्ञान केंद्रों तथा चिड़गांव आदि क्षेत्रों में ऐसे गांवों का विजिट करवाया जाएगा जहां किसान प्राकृतिक खेती कर अच्छी कमाई कर रहे हैं। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती के सफल क्रियान्वयन करने वाले मॉडल के बारे में किसानों को जानकारी दी जाएगी।
कोट विभाग ने टुटू ब्लॉक के तीन गांवों को मॉडल गांव बनाने के लिए चयन कर लिया है। इन गांवों में किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही किसानों को प्राकृतिक खेती के सफल प्रोजेक्टों के बारे में जानकारी देने के लिए उनका एक्सपोजर विजिट भी करवाया जाएगा।
-डीसी कश्यप, परियोजना निदेशक आत्मा