हिमाचल प्रदेश में पंचायतों में विकास कार्यों का ऑडिट होगा। प्रदेश सरकार ने राज्य लेखा विभाग को ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं। पांच साल के भीतर पंचायतों में क्या क्या विकास कार्य हुए हैं, इसका लेखा जोखा तैयार होगा। इसके अलावा पंचायतों में कितनी राशि लंबित है। सरकार को यह भी जानकारी मिल सकेगी। हिमाचल प्रदेश में जनवरी महीने में पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। इससे पहले पंचायतों का ऑडिट को पूरा किया जाना है। ऑडिट के दौरान पंचायत प्रधान और पंचायत सचिव मौके पर मौजूद रहेंगे।
उन्हें पांच साल का लेखा जोखा राज्य लेखा विभाग को बताना होगा। उल्लेखनीय है कि पांच साल के भीतर हिमाचल की पंचायतों में करोड़ों रुपये के विकास कार्य किए गए हैं। सड़कों के निर्माण के साथ साथ, वर्षा शालिका, श्मशानघाट कूड़ादान, गरीब लोगों के लिए भवन निर्माण के लिए राशि जारी करना, पैदल चलने वाली मार्ग स्ट्रीट लाइटों के लिए पैसा जारी किया गया है। किन-किन विकास कार्यों में कितनी राशि खर्च की गई है और कितने कार्यों को अमलीजामा पहनाया जाना बाकी है, इसका पूरा रिकार्ड तैयार किया जाना है। प्रदेश मंत्रिमंडल ने भी राज्य लेखा विभाग को पंचायतों के ऑडिट करने को मंजूरी दी थी। अब इसे लागू किया गया है।