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अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में नहीं बजेगी अब देवधुन, ये है बड़ी वजह

Tue, 26 Nov 2019 05:00 AM IST
Krishan Singh रोशन ठाकुर, अमर उजाला, कुल्लू
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- फोटो : अमर उजाला
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देवी-देवताओं के महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय दशहरा में पहली बार बजाई गई देवधुन अब भविष्य में नहीं बजेगी। देवता धूमल नाग की कड़ी आपत्ति के बाद जिला कारदार संघ और आयोजक बैकफुट पर आ गए हैं।

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देवता ने दशहरा में बजाई देवधुन को देव परंपरा खिलाफ बताया और गूर के माध्यम से देव समाज को आगाह किया वह देव नियमों से बाहर रहकर काम न करें। देवताओं ने रघुनाथपुर में हुई जगती में भी कड़ा एतराज जताया था। 

कुल्लू दशहरा में इस बार बजाई देवधुन ने वाहवाही लूटी थी। पहली बार 2200 बजंतरियों की उपस्थिति में देवधुन को इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया था। अब देवधुन पर देवता सहमत नहीं हैं।
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हालांकि, दशहरा उत्सव के समापन पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अगले साल उत्सव में इसे और भी बेहतर बनाने की बात कही है, लेकिन अब धूमल नाग ने देव समाज को देव आदेशों से बाहर न जाकर किसी भी धार्मिक आयोजन न करने की चेतावनी दी है।

देव समाज के जुड़े लोगों ने भी देव आज्ञा का पालन करने की हामी भरी है। जिला देवी-देवता कारदार संघ के पूर्व अध्यक्ष दोतराम ठाकुर ने कहा कि देवता ने भविष्य में देवधुन बजाने पर मना किया है।

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धूमल नाग ने किया देवधुन में हुई गलतियों का निवारण

देवता ने कहा कि इस बार माफ किया गया है, लेकिन भविष्य में ऐसा हुआ को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। सोमवार को इस साल दशहरा में बजाई देवधुन की गलतियों का निवारण (छिद्रा) किया गया है। देवता धूमल नाग कमेटी पीह हलाण-दो के अध्यक्ष भादर सिंह ने कहा कि देवता ने आदेश दिया है कि देवुधन मात्र देवी-देवताओं के पास ही बजेगी। दशहरा में बजाई देवधुन पर देवता धूमल नाग की आपत्ति के बाद सोमवार को गलतियों का निवारण (छिद्रा) किया गया।

देवधुन बजाने को लेकर गुस्साए देवता धूमल नाग ने आयोजकों के साथ जिला प्रशासन को भी तलब किया था। भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर के पास सोमवार सुबह एडीएम कुल्लू और एसडीएम पहुंचे। आयोजकों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। दिनभर गहमागहमी के दौरान आयोजकों ने दशहरा में हुई देवधुन को सरकार का आदेश बताया। शाम को करीब चार बजे देवता ने प्रशासन और आयोजकों की मौजूदगी में गलतियों का (छिद्रा) निवारण किया। सैकड़ों लोग इसका गवाह बने। 
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