देवता ने कहा कि इस बार माफ किया गया है, लेकिन भविष्य में ऐसा हुआ को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। सोमवार को इस साल दशहरा में बजाई देवधुन की गलतियों का निवारण (छिद्रा) किया गया है। देवता धूमल नाग कमेटी पीह हलाण-दो के अध्यक्ष भादर सिंह ने कहा कि देवता ने आदेश दिया है कि देवुधन मात्र देवी-देवताओं के पास ही बजेगी। दशहरा में बजाई देवधुन पर देवता धूमल नाग की आपत्ति के बाद सोमवार को गलतियों का निवारण (छिद्रा) किया गया।
देवधुन बजाने को लेकर गुस्साए देवता धूमल नाग ने आयोजकों के साथ जिला प्रशासन को भी तलब किया था। भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर के पास सोमवार सुबह एडीएम कुल्लू और एसडीएम पहुंचे। आयोजकों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। दिनभर गहमागहमी के दौरान आयोजकों ने दशहरा में हुई देवधुन को सरकार का आदेश बताया। शाम को करीब चार बजे देवता ने प्रशासन और आयोजकों की मौजूदगी में गलतियों का (छिद्रा) निवारण किया। सैकड़ों लोग इसका गवाह बने।