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भाजपा सांसद के कहने पर कृषि विभाग का डिप्टी डायरेक्टर किया सस्पेंड, ये है मामला

Tue, 23 Oct 2018 12:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/चंबा
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प्रदेश सरकार ने कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर धर्मचंद को सस्पेंड कर दिया है। बीते दिनों चंबा बचत भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में इस अफसर के गैर हाजिर पाए जाने पर यह कार्रवाई की है। जनहित को लेकर लोकसभा सांसद शांता कुमार की अध्यक्षता में यह बैठक हुई थी।

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प्रधान सचिव कृषि ओंकार शर्मा ने डिप्टी डायरेक्टर के सस्पेंड किए जाने की इसकी पुष्टि की है। बैठक में सांसद ने किसान फसल बीमा योजना के बारे में जानकारी हासिल करनी चाही।

जब उन्होंने इसको लेकर कृषि विभाग के उपनिदेशक को जवाब देने को कहा गया तो बताया गया कि उपनिदेशक बैठक में मौजूद नहीं थे। इसको लेकर सांसद ने उपायुक्त से पूछा, तो उपायुक्त ने सांसद को जवाब दिया कि कृषि विभाग के उपनिदेशक रविवार और सोमवार को अकसर छुट्टी पर रहते हैं।

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यहां जानिए पूरा मामला

इसको लेकर वह स्वयं भी कई बार देख चुके हैं। इसको लेकर सांसद ने उपायुक्त को निर्देश दिए कि उपरोक्त अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। क्योंकि कृषि विभाग गरीब लोगों से जुड़ा विभाग है।

इसके बाद जब सांसद ने प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक से उनके विभाग की जानकारी जाननी चाही तो जवाब देने के लिए उपनिदेशक भी बैठक में मौजूद नहीं थे। उनके स्थान पर अन्य अधिकारी बैठक में बैठे थे।

इसको लेकर भी सांसद ने जिलाधीश को कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की बैठक में विभागाध्यक्षों का होना जरूरी है। इसमें कोताही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई स्वाभाविक है।

प्रधान सचिव ओंकार शर्मा यह बैठक बहुत महत्वपूर्ण थी, इसमें किसानों की समस्याओं को डिस्कस किया जा रहा था। लेकिन अधिकारी बैठक में नहीं था। उन्होंने कहा कि इस तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। इससे अन्य अफसरों को भी सबक मिलेगा।
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बिना शौचालय के न दिया जाए बिजली-पानी कनेक्शन: शांता

नवनिर्मित घर को अब बिना शौचालय बिजली और पानी का कनेक्शन नहीं मिलेगा। चंबा-कांगड़ा के सांसद शांता कुमार ने जिला उपायुक्त को इस बाबत निर्देश जारी कर नए प्रावधान की जानकारी दी है। सांसद ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने में ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानी आ रही है।

कई लोग शौचालय का निर्माण नहीं कर रहे हैं। इसी के चलते केंद्र सरकार ने अब शौचालय को बिजली-पानी कनेक्शन के लिए अनिवार्य प्रावधान बना दिया है। ऐसे में जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस प्रावधान को लागू करवाएं।

सांसद ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के लक्ष्य प्राप्त करने में खंड विकास अधिकारी व संबंधित अमले को गंभीरता से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के नए प्रावधान के तहत नवनिर्मित घरों में बिजली-पानी कनेक्शन के लिए पंचायत या नगर परिषद का एनओसी लेना होगा।

इसमें शौचालय निर्माण की पुष्टि सुनिश्चित की जाएगी। सांसद ने कहा कि खुद जिला उपायुक्त इस प्रावधान को अपनी निगरानी में सख्ती से लागू कराएं। यदि कोई कर्मचारी इसमें कोताही बरतता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
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