समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री।
- फोटो : अमर उजाला
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि माता चिंतपूर्णी और बाबा बालक नाथ मंदिर को रोपवे से जोड़ने के लिए संभावनाएं तलाशी जाएंगी। उन्होंने इस दिशा में निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए। डिप्टी सीएम ने सोमवार को रोपवे एवं त्वरित परिवहन विकास निगम (आरटीडीसी) के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि शिमला रोपवे परियोजना विश्व की अपनी तरह की दूसरी और भारत में पहली परियोजना होगी। आरटीडीसी को पांच वर्षों में प्रत्येक जिले में कम से कम एक रोपवे विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने निगम के कार्यान्वित की जा रहीं सभी परियोजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा की। कहा कि पहाड़ी इलाकों में एक किलोमीटर रोपवे लगभग 5.6 किलोमीटर सड़क दूरी के बराबर होता है। सरकार की पर्यावरण के अनुकूल, स्वच्छ और हरित परिवहन के इस साधन को बड़े पैमाने पर लागू करने की योजना है। कहा कि आरटीडीसी ने शिमला में इस परियोजना के लिए जमीनी स्तर पर कार्य शुरू कर दिया है।
पांच वर्षों में इस परियोजना का सुचारु रूप से संचालन शुरू करने के निर्देश दिए। इस परियोजना में 1546.40 करोड़ रुपये की लागत के साथ 15 स्टेशनों को जोड़ने वाले 14.69 किलोमीटर रोपवे का नेटवर्क होगा। सरकार धर्मशाला और मनाली के लिए इसी तरह की शहरी रोपवे परियोजनाओं को विकसित करने की योजना बना रही है।
उप मुख्यमंत्री ने आरटीडीसी को राज्य में ग्रामीण अधोसंरचना विकास निधि के तहत रोपवे विकास के लिए नाबार्ड के दिशा निर्देशों को तत्काल स्वीकृति के लिए मंत्रिमंडल की बैठक में लाने के निर्देश दिए। 329 असंबद्ध बस्तियों और 250 से जनसंख्या से अधिक को संपर्क सुविधा देने की दिशा में काम करने को कहा।
बैठक में प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम, आरटीडीसी के निदेशक अजय शर्मा, आरटीडीसी के मुख्य महाप्रबंधक रोहित ठाकुर और निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।