उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री
- फोटो : संवाद
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले एचआरटीसी कर्मियों को 40 फीसदी विशेष वेतन भत्ता मिलता है। कई सालों से कर्मचारी जनजातीय क्षेत्रों में ही डटे हुए हैं। मैदानी क्षेत्रों में सेवाएं देने से यह कर्मचारी आनाकानी करते हैं। इन कर्मचारियों को बदला जाएगा और भविष्य में भी एक सीमित अवधि के बाद यहां से कर्मचारियों को बदला जाएगा। प्रदेश में 107 नए रूटों पर निजी बस सेवा शुरू की जाएंगी। रूटों का चयन कर लिया गया है।
एचआरटीसी की स्थापना के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। सभी 31 बस डिपुओं में कार्यक्रम होंगे। नई वोल्वों बसें खरीदी जाएंगी। एचआरटीसी बसों में बस पॉर्सल की सुविधा काफी फायदेमंद साबित हुई है। अब तक एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय इससे प्राप्त हुई है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा से निपटने के लिए 4500 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की है। जबकि विपक्ष में बैठी भाजपा ने महज राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम किया। विधानसभा में जब केंद्र से आपदा पैकेज का प्रस्ताव लाया गया तो भाजपा विधायकों ने इसका विरोध किया।
नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्र से तीन बार टीमें आईं, राहत के नाम पर कुछ नहीं मिला। पूर्व की भाजपा सरकार ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तहस-नहस करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 92 हजार करोड़ की देनदारियां पूर्व की जयराम सरकार छोड़ कर गई हैं। सरकारी खर्चे पर विस का चुनाव लड़ा। वित्त विभाग की मंजूरी के बिना सैकड़ों संस्थान खोल दिए। डबल इंजन की सरकार में जीएसटी मुआवजा मिलना बंद हुआ, राजस्व कम हुआ, कर्ज लेने की सीमा में कटौती की गई, फॉरेन एडिट प्रोजेक्टस में कैप लगा दी गई। 15वें वित्तायोग में 1,420 करोड़ रुपये मिलना था, जो नहीं मिला। केंद्र सरकार ने ओपीएस के 9000 करोड़ रुपये देने से इंकार कर दिया।
सुकेती खड्ड, जसवां की ब्यास नदी के तटीकरण को वित्तीय मंजूरी
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सुकेती खड्ड के लिए 485 करोड़ और जसवां परागपुर की ब्यास नदी के तटीकरण के लिए 504 करोड़ रुपये बजट की मंजूरी मिली है। बजट की स्वीकृति मिलने से इन दोनों नदियों का तटीकरण हो सकेगा। क्रशरों से प्रदेश में नुकसान हुआ है। वर्तमान में सभी क्रशरों का मूल्यांकन किया जा रहा है, जिसके बाद नियमों को पूरा करने वाले क्रशरों को खोलने की अनुमति दी जाएगी।
धर्मशाला में खालिस्तान के नारे दुखद घटना
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिला के धर्मशाला में खालिस्तान के नारे लिखना एक दुखद घटना है। प्रदेश में दूसरी बार यह घटना सामने आई है। इस मामले में सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाएगी, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।