फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चौधरी और पठानिया के बीच फंसा डिप्टी चीफ व्हिप का पेच

Fri, 05 Oct 2018 11:42 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

हिमाचल में सरकारी डिप्टी चीफ व्हिप की नियुक्ति का पेच पांवटा के भाजपा विधायक सुखराम चौधरी और नूरपुर के भाजपा विधायक राकेश पठानिया के बीच फंस गया है। नवरात्र में ही इनमेें से किसी एक के नाम पर फैसला हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि ज्वालामुखी के भाजपा विधायक रमेश ध्वाला के इनकार के बाद अब इन दोनों में से ही किसी एक के नाम पर मुहर लगनी है। 

विज्ञापन


हाल ही में राज्य सरकार ने नरेंद्र बरागटा को सरकारी चीफ व्हिप बनाने की अधिसूचना जारी की। इस पद पर उन्हें कैबिनेट मंत्री स्तर की सुविधाएं दी गई हैं। डिप्टी चीफ व्हिप का पद इससे निचले स्तर का है। इसमें राज्य मंत्री के स्तर की ही सहूलियतें दी जाएंगी। बरागटा की चीफ व्हिप पद पर नियुक्ति के बाद ध्वाला ने साफ कर दिया है कि वह डिप्टी चीफ व्हिप के पद पर अपनी नियुक्ति नहीं चाहते हैं।

इसके बाद वरिष्ठ विधायकों में सुखराम चौधरी और राकेश पठानिया के नाम विचाराधीन हैं। सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों जहां सरकारी स्तर पर सुखराम चौधरी की इस पद पर नियुक्ति लगभग साफ ही हो गई थी, वहीं अब राकेश पठानिया के नाम पर भी विचार होने लगा है। इसी में पेच फंसा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

बरागटा से सीनियर हूं मैं, कैसे खुद के अपमान को मंजूरी दूं

रमेश ध्वाला ने कहा  कि उन्होंने डिप्टी चीफ व्हिप पद के लिए इनकार किया है। कहा - बरागटा के  चीफ व्हिप बनने का कोई मलाल नहीं है, पर मैं उनसे सीनियर हूं। चार बार का विधायक और दो बार का मंत्री हूं। ऐसे में मैं कैसे खुद के अपमान को मंजूरी दूं। डिप्टी चीफ व्हिप का पद चीफ व्हिप से नीचे है। मैं विधायक ही ठीक हूं। विधायक ज्यादा ताकतवर होता है।

सुखराम चौधरी ने कहा - मैं पार्टी का सिपाही हूं और जो पार्टी तय कर लेगी, मुझे वह मंजूर होगा। यह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के क्षेत्राधिकार का मामला है। मुख्यमंत्री प्रदेश हित में बहुत अच्छे फैसले ले रहे हैं और यह अच्छा है। 

राकेश पठानिया ने कहा - हाईकमान जो फैसला करेगा, मैं उसके साथ ही खड़ा हूं। पार्टी चाहती है कि मेरी नियुक्ति हो तो मैं इसका भी समर्थन करूंगा। असल में मैं न तो इस फैसले के पक्ष में हूं और न ही खिलाफ। चौधरी साहब भी बनते हैं तो उससे भी नाखुशी नहीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें