अगर आपको सामान्य तौर पर तनाव या डिप्रेशन रहता है तो इसे नजरंदाज न करें। हिमाचल के वाकनाघाट स्थित जेपी यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने हाल ही में किए शोध में पाया है कि डिप्रेशन की वजह से डायबिटीज का खतरा काफी बढ़ जाता है। अगर ये दोनों बीमारियां एक साथ होती हैं तो यह किसी भी मरीज के लिए बेहद खतरनाक हो सकती हैं।
शोध से जुड़े यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ फार्मेसी के डॉ. एम उदयभानु ने बताया कि आमतौर पर लोग डिप्रेशन को अनदेखा करते हैं। इसकी वजह से दिमाग के हिप्पोकैंपस में ग्लूकोज ट्रांसपोर्ट टाइप 4 के मेम्ब्रेन को नुकसान पहुंचता है। इसका ट्रीटमेंट करना बेहद मुश्किल होता है। ऐसे में डिप्रेशन के इलाज के दौरान डायबिटीज से जुड़ी दवाओं को जरूर लेना चाहिए।
उदयभानु ने कहा कि रिसर्च के दौरान यह बात सामने आई है कि डायबिटीज के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा रोजीग्लिटाजोन के इस्तेमाल से दोनों ही बीमारियों से काफी हद तक उबरा जा सकता है। इस शोध में डॉ. उदयभानु के साथ जेपी यूनिवर्सिटी के डॉ. हरीश चंगोत्रा और दो शोध छात्र विनीत मेहता और सीता सरन पटेल शामिल थे।