हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक में आज तक का सबसे बड़ा भर्ती स्कैंडल हुआ है। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष शेर सिंह चौहान ने कहा है राज्य सहकारी बैंक की ओर से नवंबर 2015 में की गई भर्ती को आज तक का सबसे बड़ा भर्ती स्कैंडल करार दिया है।
उन्होंने कहा कि यह इतिहास में पहली भर्ती है, जिसमें मेरिट लिस्ट न तो मीडिया में दी गई और न ही बैंक की वेबसाइट पर डाली गई। अभ्यर्थी न्यायालय में न जा पाएं, इसके चलते किसी को भी अपने अंकों का पता नहीं चलने दिया गया। चहेतों को रातों-रात ड्यूटी ज्वाइन कराई गई। जिन अधिकारियों के बच्चे बैंक में लगाए गए हैं, उसमें एक लड़की को ज्वाइन करवाकर तीन साल की स्टडी लीव दे दी गई जबकि बैंक के सर्विस रूल में स्टडी लीव का कोई प्रावधान ही नहीं है।
ये आरोप भी लगाए
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष शेर सिंह चौहान
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पहले साक्षात्कार आईबीपीएस मुंबई से होते थे जो अनेक राष्ट्रीयकृत बैंकों के भी साक्षात्कार करवाते हैं। इसमें पूरी ईमानदारी बरती जाती है जबकि शिक्षा बोर्ड कोई अधिकृत संस्था साक्षात्कार करवाने के लिए नहीं है। जानबूझकर शिक्षा बोर्ड का चयन किया गया। जो शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष हैं, वे पूर्व में बैंक के प्रबंध निदेशक रह चुके हैं।
उनके कार्यकाल में भी साक्षात्कार रिकॉर्ड को रातों-रात नष्ट करवा दिया था, जिससे धांधलियों का पता न चल सके। एक्स सर्विसमैन कोटे में पैरा मिलिट्री के लोगों को लगाया गया, जो एक्स सर्विसमैन कोटे में नहीं आते थे। जो लोग दो-तीन साल बाद फौज की नौकरी
छोड़कर आए थे, उनको भी बैंक में एक्स सर्विसमैन कोटे में लगाया गया। यह एक बहुत बड़ा भर्ती घोटाला है। उन्होंने इसकी जांच प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश या फिर सीबीआई से कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह खुद प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेंगे।