पशुओं के सप्लीमेंट पर सरकार व विभाग ने दायर किया जवाब
पशुओं को दी जाने वाली न्यूट्रिक्स बेलिस बोलस सप्लीमेंट ड्रग्स काॅस्मेटिक अधिनियम के अंतर्गत आती है या नहीं, इस पर सरकार व पशुपालन विभाग की ओर से प्रदेश हाईकोर्ट में जवाब दायर किया गया है। सरकार की ओर से दायर जवाब में दो ड्रग इस्पेक्टरों ने कहा है कि पशुओं को दी जाने वाली सप्लीमेंट ड्रग्स कंट्रोल और कॉस्मेटिक कानून के तहत नहीं आती है, जबकि पशुपालन विभाग की ओर से बताया गया है कि यह सप्लीमेंट ड्रग्स कंट्रोल और कॉस्मेटिक अधिनियम में आता है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने याचिकाकर्ता को प्रत्युत्तर दायर करने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह के बाद होगी। तब तक कोर्ट के अंतरिम आदेश जारी रहेंगे। अदालत ने पिछले आदेश में याचिकाकर्ता मैसर्स प्रोविमी एनिमल न्यूट्रिशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस पर रोक लगा दी थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि यह दवा एक सप्लीमेंट है न कि ड्रग है। इन दोनों की टेस्टिंग के उप मानक भिन्न-भिन्न हैं। इसी को अदालत में चुनौती दी गई है। कंपनी ने हिमाचल राज्य ऊन खरीद और विपणन संघ लिमिटेड से करार किया है।