शिमला। विभिन्न विभागों में बैकलॉग को विशेष भर्ती अभियान चलाकर निर्धारित समय अवधि में भरा जाए। यह मांग अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग कर्मचारी कल्याण महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ओंकार सिंह भाटिया ने की है।
उन्होंने कहा कि 2,172 पैरा शिक्षकों की नियुक्ति में कोई रोस्टर प्रणाली लागू नहीं की गई। इसी तरह 7,000 के करीब पीटीए शिक्षकों, ग्रामीण विद्या उपासकों और एसएमसी शिक्षकों की नियुक्ति भी रोस्टर प्रणाली के तहत नहीं की गई है। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह है कि नियुक्तियों में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के रोस्टर के हिसाब से नियुक्तियों को शीघ्र अंतिम रूप प्रदान किया जाए। महासंघ के प्रदेश महासचिव संजय भट्टी ने बताया कि अभी स्कूल कैडर के प्रवक्ताओं से पदोन्नत होकर प्रधानाचार्य के पदों पर करीब 40 से अधिक अनुसूचित जाति के प्रवक्ताओं को प्रधानाचार्य बनाया जाना है लेकिन यह बैकलॉग अभी तक नहीं भरा गया है। कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए समूचे प्रदेश में महासंघ संपर्क अभियान चलाने की योजना पर भी विचार कर रहा है। अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग कर्मचारी कल्याण महासंघ की राज्य कार्यकारिणी बैठक यूएनए के बीआरसी सभागार में हुई। इस अवसर पर राज्य कार्यकारिणी ने महत्वपूर्ण प्रस्तावों को पारित किया। इस मौके पर प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष हंसराज सुमन, दिनेश कौंडल और कर्म चंद मौजूद रहे।
राकेश बने ऊना जिले के प्रधान
शिमला। बैठक में जिला ऊना की कार्यकारिणी का भी सर्वसम्मति से चुनाव किया गया। इसमें राकेश कुमार को जिला प्रधान, संजीव कुमार को उपप्रधान, असलम मोहम्मद को सचिव के अलावा रमेश कुमार और राकेश कुमार को वित्त सचिव चुना गया।