अपीलों के निपटारे के बाद 20 मार्च तक पुनर्सीमांकन का अंतिम प्रकाशन और 31 मार्च तक पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों का अंतिम आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया जाएगा। आरक्षण रोस्टर जारी होने के साथ ही चुनाव प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जा सकेगा। आरक्षण रोस्टर जारी होते ही राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव तिथियों की घोषणा कर सकता है। राज्य सरकार और पंचायतीराज विभाग ने जिला प्रशासन को समयबद्ध तरीके से प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार चुनाव तय समयसीमा के भीतर कराए जा सकें। सरकार की ओर से पुनर्सीमांकन और आरक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी एवं विवाद रहित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों और संभावित उम्मीदवारों की नजर अब 31 मार्च पर टिकी है, क्योंकि आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद ही चुनावी समीकरण पूरी तरह स्पष्ट होंगे।