सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में बैठक हुई। जिला पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है। जिला कांगड़ा की पंजाब के साथ लगती सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है। संसारपुर टैरेस, कंडवाल और डमटाल क्षेत्रों में संंबंधित पुलिस थाना प्रभारियों के नेतृत्व में जवान जिला में प्रवेश करने वालों की गहनता से जांच कर रहे हैं। प्रवेश द्वारों पर सीसीटीवी कैमरों के अलावा संपर्क मार्गाें पर पुलिस ने गश्त को बढ़ाया है। साथ ही पुलिस अधिकारियों की ओर से लोगों को संदिग्ध गतिविधियों और वस्तुओं की पुलिस को सूचना देने और अफवाहों से बचने के निर्देश दिए हैं।
शक्तिपीठों में भी बढ़ाई सुरक्षा
वहीं, शक्तिपीठों में सुरक्षा बढ़ा दी है। विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से और अधिक पुख्ता कर दी गई है। वर्तमान में 30 सुरक्षाकर्मी मंदिर परिसर में दिन-रात तैनात हैं, जिनमें 15 होमगार्ड और 15 एक्स-सर्विसमैन शामिल हैं। इसके अलावा मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी के लिए 80 सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर में 2 पुलिसकर्मी और 16 गृह रक्षक तैनात हैं। 18 सीसीटीवी लगाए गए हैं।
चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 12 पुलिस, गृह रक्षक जवान और 12 ही सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। चंबा जिले के साथ लगती जम्मू-कश्मीर की 216 किलोमीटर लंबी सीमा को सील कर दिया गया है। चंबा-पठानकोट हाईवे पर तुन्नूहट्टी, लाहड़ू और लंगेरा चेक पोस्ट से भी प्रत्येक वाहन को बिना जांच के प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं में भी सुरक्षा को बढ़ाने के परियोजना प्रबंधन को आदेश जारी किए हैं। परवाणू में नाकाबंदी और पेट्रोलिंग को बढ़ा दिया है। एसपी सोलन गौरव सिंह ने बताया कि यह एनएच बाहरी राज्यों को तिब्बत से जोड़ता है। इसके तहत इस एनएच पर पुलिस जवानों की अतिरिक्त तैनाती कर गश्त और वाहनों के जांच अभियान को बढ़ा दिया है।
चिंतपूर्णी में पुलिस ने खंगाले होटल
ऊना जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल माता चिंतपूर्णी मंदिर में मंगलवार को सुरक्षा के कड़े प्रबंध देखे गए। चिंतपूर्णी थाना प्रभारी एएसआई राजेश कुमार, महेंद्र सोनी और ऋषभ की टीम ने क्षेत्र के होटलों में गहन जांच की। श्रद्धालुओं को किराये पर दिए जा रहे कमरों में सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति का निरीक्षण किया गया।
दिल्ली में बम धमाके के बाद हिमाचल अलर्ट पर है। हिमाचल की सुरक्षा को लेकर साथ लगते राज्यों के डीजीपी के साथ लगातार बात की जा रही है। संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। - अशोक तिवारी, पुलिस महानिदेशक
हमीरपुर डिपो के चालक तिलक राज दिल्ली धमाके में नहीं हुए थे घायल
सोशल मीडिया और कुछ समाचार चैनलों पर दिल्ली में हुए विस्फोट मामले को लेकर फैली अफवाहों के बीच हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) हमीरपुर डिपो ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। निगम प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि चालक तिलक राज पुत्र किशन चंद, जो निगम के हमीरपुर कार्यालय में चालक के पद पर कार्यरत हैं, उस हादसे में घायल नहीं हुए हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि चालक तिलक राज को 9 नवंबर हमीरपुर से दिल्ली और वापसी के लिए तैनात किया गया था। जबकि 10 नवंबर को बस से उन्हें हमीरपुर से दिल्ली ड्यूटी पर जाना था। लेकिन उसी दिन वह अस्वस्थ हो गए और अस्पताल में उपचाराधीन थे। इसी कारण वे ड्यूटी पर नहीं गए। वह उस अस्पताल में उपचारथीन थे जहां पर विस्फोट में घायल हुए लोगों को उपचार के लिए लाया गया था। निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर चालक के घायल होने की चल रही खबरें पूरी तरह निराधार हैं। निगम ने जनता और मीडिया से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करें।