अगस्त में हिमाचल में बाढ़ और भू-स्खलन की वजह से हुई भारी तबाही ने पर्यटकों के कदम भी रोक दिए हैं। मौजूदा समय में धर्मशाला-मैक्लोडगंज के होटलों में ऑक्यूपेंसी पांच प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। वीकेंड पर 60 से 70 प्रतिशत तक रहने वाली ऑक्यूपेंसी इस वीकेंड पर 20 प्रतिशत से अधिक नहीं बढ़ पाई है। होटल व्यवसायियों की मानें तो होटलों में बुकिंग न होने से उन्हें स्टाफ का वेतन तक निकालना मुश्किल हो गया है।
पर्यटकों के न आने से उनके होटलों की इनकम पर खासा प्रभाव पड़ा है। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन मैक्लोडगंज के अध्यक्ष अश्वनी बांबा ने बताया कि पिछले वर्ष अगस्त-सितंबर में भी भारी बारिश के कारण उनका मानसून का पर्यटन सीजन मंदा रहा था। इस बार भी प्रदेश में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ और जगह-जगह हुए भू-स्खलन ने होटल व्यवसायियों की कमर तोड़ दी है।
अक्तूबर-नवंबर के लिए हो रही एडवांस बुकिंग
अश्वनी बांबा ने बताया कि अक्तूबर-नवंबर में होने वाले दशहरा और दिवाली पर्व के लिए होटलों की अग्रिम बुकिंग हो रही है। अभी तक इस अग्रिम बुकिंग की ऑक्यूपेंसी 40 से 50 फीसदी तक पहुंच चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनका सर्दकालीन पर्यटन सीजन पर्यटकों के लिहाज से बेहतरीन होगा।
पर्यटन निगम के होटल भी खाली: सोनी
पर्यटन निगम के कांगड़ा के एजीएम अश्वनी सोनी ने बताया कि प्रदेश में अगस्त में हुई बारिश और भू-स्खलन का असर निगम के होटलों पर भी पड़ा है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब निगम के होटलों की ऑक्यूपेंसी 10-15 प्रतिशत के बीच पहुंची है। वीकेंड पर भीड़ जुटती थी, लेकिन इस बार होटल लगभग खाली हैं।