मोदी सरकार में केंद्रीय वित्त मंत्री बनने के बाद अपने पहले आम बजट में ही अरुण जेटली ने हिमाचल को आईआईएम का तोहफा और दूसरे आम बजट में एम्स दिया था। 10 जुलाई, 2014 को पेश पहले आम बजट में जेटली ने हिमाचल के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) की घोषणा की थी। इसके लिए सिरमौर के धौलाकुआं का चयन किया। 28 फरवरी, 2015 को प्रस्तुत दूसरे आम बजट में ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट (एम्स) की घोषणा की। इसे बिलासपुर में बनाया जा रहा है।
आयुष्मान का भी हिमाचल में लाखों को लाभ
वर्ष 2018-19 के वार्षिक बजट में अरुण जेटली ने आयुष्मान योजना की देश भर के लिए घोषणा की। इस योजना का हिमाचल के लाखों लोगों को लाभ मिला, जिन्हें पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाया गया।
सेब फलों की पैकिंग में सेवा कर खत्म करने की घोषणा
जेटली ने वित्त मंत्री रहते आम बजट में फलों को सीए स्टोर में रखने, फलों की वैक्सिंग, खुदरा पैकिंग और लेबलिंग में सेवा कर खत्म करने की घोषणा की थी। इसका भी हिमाचल के फल उत्पादकों को लाभ हुआ। दिल्ली को पानी पहुंचाने के लिए प्रस्तावित रेणुका प्रोजेक्ट को भी पहले बजट में 50 करोड़ रुपये जारी किए। लाहौल-स्पीति के लिए सौर ऊर्जा परियोजना की भी घोषणा की।