फार्मा कंपनियों के कैश पर ऐश के मामले में फंसे सहायक दवा नियंत्रक की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका पर बुधवार को सोलन कोर्ट में सुनवाई हुई।
न्यायाधीश ने फैसले को शुक्रवार तक के लिए टाल दिया है। साथ ही शुक्रवार को आरोपी निशांत सरीन को मामले में खुद भी पेश होना होगा। इससे विजिलेंस टीम को बिना मेहनत किए आरोपी को दबोचने में कामयाबी मिल सकती है।
मामला दर्ज होने के बाद भूमिगत हो चुके सहायक दवा नियंत्रक ने वकील के माध्यम से सोलन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। इस पर बुधवार को सुनवाई हुई।
आरोपी निशांत सरीन के पेश न होने से न्यायाधीश ने सुनवाई को शुक्रवार तक टाल दिया। इससे पूर्व बुधवार को एक बार फिर शिमला से सोलन पहुंचे निशांत सरीन के वकील ने ही कोर्ट में अग्रिम जमानत को लेकर सहायक दवा नियंत्रक का पक्ष रखा।
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सोलन कोर्ट परिसर को विजिलेंस टीम ने बुधवार को दिन भर पूरी तरह से घेरे रखा। मुख्य द्वार से कोर्ट परिसर तक और बाहर जाने-आने के रास्तों में भारी संख्या में विजिलेंस महकमे के कर्मचारी मौजूद रहे।
विजिलेंस टीम ने आरोपी निशांत सरीन को कोर्ट में दाखिल होने से पूर्व ही गिरफ्तार करने की योजना बनाई थी। टीम को उम्मीद थी कि निशांत सरीन बुधवार को कोर्ट में जरूर पेश होगा, लेकिन आरोपी एक बार फिर विजिलेंस की टीम को चकमा देने में कामयाब रहा।
उधर, विजिलेंस के एडीजी अनुराग गर्ग का कहना है कि आरोपी सहायक दवा नियंत्रक निशांत सरीन के सोलन कोर्ट में पेश होने की उम्मीद थी, लेकिन वह बुधवार को कोर्ट नहीं पहुंचा।
विजिलेंस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है। जल्द उसे दबोच लिया जाएगा। विजिलेंस टीम को सुबह से सतर्क किया गया था, लेकिन आरोपी कोर्ट नहीं पहुंचा जिससे उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी।