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इबोला को लेकर हिमाचल ने जारी किया अलर्ट

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हाल ही में इबोला प्रभावित अफ्रीकी देशों से घर लौटे हिमाचलियों पर स्वास्थ्य विभाग की विशेष नजर है। विदेश से अपने घर पहुंचे प्रदेश के चार जिलों के 11 लोगों की केंद्रीय मंत्रालय ने स्वास्थ्य विभाग को सूची जारी की है। स्वास्थ्य विभाग इबोला के लक्षणों की जांच के लिए 21 दिनों तक इन पर विशेष निगरानी रख रहा है।
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अफ्रीका से घर लौटा मंडी जिले के फौजी को भी शुक्रवार से निगरानी में रखा गया है। इसके अलावा हिमाचल के एयरपोर्ट सहित अन्य जगहों में भी इबोला को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इबोला प्रभावित देशों से वापस लौटे 11 हिमाचली मंडी, बिलासपुर, कांगड़ा और ऊना जिला से के हैं। इन्हें 21 दिनों तक विभाग अपनी निगरानी में रखेगा।

21 दिन निगरानी में रहेंगे

बताया जा रहा है कि ऊना जिला का एक परिवार प्रभावित देशों से लौटा है। जिन पर निगरानी रखने का समय भी खत्म होने वाला है। हालांकि, अभी तक किसी भी व्यक्ति में इबोला के लक्षण नहीं पाए गए हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है। यदि 21 दिनों के भीतर यदि किसी व्यक्ति में इबोला के लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें आइसोलेशन में रखा जाएगा। संबंधित रोगी को टांडा और आईजीएमसी शिमला में उपचार के लिए भेजा जाएगा।

इबोला प्रभावित देशों से आ रहे हिमाचलियों पर निगरानी रखी जा रही है। इबोला प्रभावित देशों से घर आए प्रदेश के 11 लोग विभाग की निगरानी में है। हालांकि, अभी तक किसी भी व्यक्ति में इबोला के लक्षण नहीं दिखाई दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग इबोला को लेकर चौकस है।
-डा. राजेश गुलेरिया, ओएसडी, एनआरएचएम हिमाचल
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क्या है इबोला?

इबोला वायरस एक ऐसी बीमारी है जो कि जानवर से मानव में संक्रमित होती है। पीड़ित रोगी के शारीरिक तरल पदार्थ या पसीने से वायरस फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार संक्रमित जानवर के रक्त,  मल, मूत्र, और पसीना आदि के संपर्क से यह रोग फैलता है। मृत संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकले पसीना के संपर्क में आने से भी यह रोग फैलता है।

इबोला के लक्षण
इबोला के पूर्व के लक्षण बुखार, सिर दर्द, पेट में दर्द, ब्लड प्रेशर कम होना है। जबकि इबोला होने के बाद के लक्षण में गले में दर्द, पीलिया, भूख न लगना, त्वचा में फुंसी या रेशे होना, रक्तस्राव होना शामिल है।

ऐसे करें बचाव
रोग के आक्रमण से बचने के लिए सामान्य रूप से साफ-सफाई रखना जरूरी होता है। अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ करें, साफ पानी पीएं, मांस को अच्छी तरह से पकाएं। इसके अलावा भीड़भाड़ वाली जगह से बचें। इस रोग के प्रारंभिक लक्षण को देखते ही चिकित्सक से तुरंत सलाह लें।
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