हिमाचल विधानसभा सत्र का आखिरी सत्र काफी महत्वपूर्ण रहा। इसमें परिवहन मंत्री जीएस बाली ने सदन में कहा कि प्रदेश को जेएनएनयूआरएम के तहत पहले चरण में मिली 150 बसों की रि-प्लेसमेंट के लिए मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। इसके अलावा इस योजना के तहत केंद्र से मिलने वाली अन्य बसों का आकार छोटा होगा।
परिवहन मंत्री सदन में विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, गुलाब सिंह ठाकुर और वीरेंद्र कंवर के प्रशभन का उत्तर दे रहे थे। इस दौरान अनुपूरक प्रशभन करते हुए प्रतिपक्ष नेता प्रेम कुमार धूमल ने भी लांच की गई नई स्टार सिटी बसों को हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं बताया।
धूमल ने सदन में सरकार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू को हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप बसों की मांग संबंधी डिजाइन का प्रस्ताव देने का सुझाव दिया। इस पर बाली ने कहा कि वह प्रतिपक्ष नेता का सुझाव मानने को तैयार हैं।
डेपुटेशन पर नहीं जाएंगे डॉक्टर
स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि अब डाक्टरों को डेपुटेशन पर नहीं भेजा जाएगा। विभाग को इस बारे में साफ आदेश कर दिए गए हैं। अगर कोई डाक्टर फिर डेपुटेशन पर जाता है तो उसका वेतन काटा जाएगा।
चर्चा के दौरान भाजपा विधायक रविंद्र सिंह रवि और विक्रम सिंह ने देहरा उपमंडल के तहत आने वाले अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति के बारे में स्वास्थ्य मंत्री को बताया। रविंद्र रवि और विक्रम सिंह ने बताया कि देहरा उपमंडल में 100 से अधिक पंचायतें हैं।
ऐसे में इस उपमंडल के हजारों मरीज सिविल अस्पताल देहरा पर आश्रित हैं, लेकिन इस अस्पताल की सेवाएं चरमराई हुई हैं। डाक्टर मनमर्जी से आते-जाते हैं, उन्हें किसी का भय नहीं है। देहरा की अनदेखी की जा रही है। सिविल अस्पताल देहरा और अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं का अभाव है। डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को टीएमसी या चंडीगढ़ रेफर करना पड़ रहा है।
दुर्गम क्षेत्र भेजा जाएगा डाक्टर
चर्चा के दौरान कौल सिंह ने कहा कि जिन चार डाक्टरों का जिक्र किया गया है, उनकी सैलरी बंद कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जो डॉक्टर पालमपुर में प्रैक्टिस कर रहा है, उसकी जांच करवा ली गई है। जांच में वह डाक्टर दोषी पाया गया है।
मंत्री ने आश्वस्त किया कि इस डाक्टर को किसी दुर्गम क्षेत्र में सेवाएं देने के लिए भेजा जाएगा। मसरूर के लिए नगरोटा सूरियां से डॉक्टर को ट्रांसफर किया गया है।
इसी तरह आने वाले समय में भी डॉक्टरों को दुर्गम इलाकों में भेजा जाएगा ताकि वहां के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
गूंजा रघुनाथ मंदिर से मूर्ति चोरी का मामला
हिमाचल प्रदेश के रघुनाथ मंदिर कुल्लू से जो ऐतिहासिक मूर्तियां चोरी हुई हैं, वह देश से बाहर न जा पाएं। मूर्तियों को बचाने के लिए केंद्र सरकार भी हस्तक्षेप करे, जिससे एक विरासत को बचाया जा सके। शुक्रवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान मंडी संसदीय क्षेत्र के सांसद रामस्वरूप शर्मा ने यह मामला उठाया।
सांसद रामस्वरूप शर्मा ने लोकसभा अध्यक्ष के माध्यम से भारत सरकार से मांग की है कि वह ऐसी व्यवस्था करें कि जो मूर्तियां चोरी हुई हैं, वह किसी भी हाल में देश से बाहर न जा पाएं। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर से 363 साल पुरानी बहुमूल्य मूर्तियां चोरी हो गई हैं। इस घटना से प्रदेश के देव समाज और कुल्लू के लोगों की आस्था को गहरा आघात लगा है। यह मूर्तियां अयोध्या से लाई गई थीं।
85वें संविधान संशोधन की रिपोर्ट आना बाकी
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश में 85वां संविधान संशोधन लागू करने के लिए कमेटी की रिपोर्ट अंतिम चरण में है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही संशोधन लागू करने पर विचार किया जा सकेगा।
भटियात के विधायक विक्रम सिंह के सदन में पूछे प्रश्न का लिखित में जवाब देते हुए सीएम ने बताया कि 1 नवंबर 2013 को प्रदेश में 85वां संविधान संशोधन लागू करने के लिए कमेटी का गठन किया गया।
इस कमेटी की 8 नवंबर 2013 और 22 नवंबर को बैठक हुई। 22 नवंबर को आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया था कि 85वां संविधान संशोधन लागू करने के लिए कमेटी इससे संबंधित सभी तथ्यों की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगी।
ट्रांसफर की रिपोर्ट अंतिम चरण में
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सदन में कहा कि हिमाचल सरकार के कर्मचारियों से संबंधित स्थानांतरणों की सूची बजट सत्र में दे दी जाएगी। विपक्ष के विधायक महेंद्र सिंह ठाकुर और सतपाल सिंह सत्ती ने प्रदेश सरकार से कर्मचारियों से संबंधित तबादलों की सूची मांगी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी सूचना एकत्रित की जा रही है।
इस पर विधायकों ने कहा कि सरकार के पास अभी तक सूचना उपलब्ध क्यों नहीं हो पाई। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को बजट सत्र में पूरी जानकारी मिलेगी। शुक्रवार को शीतकालीन सत्र समाप्त हो गया है।
खनन से टूटी विभौर स्कीम की होगी रिपेयर
वहीं, खनन से टूटी विभौर स्कीम की मरम्मत आईपीएच विभाग करेगा। विधायक सतपाल सत्ती की ओर से सदन में लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान यह बात आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स ने कही। जिला ऊना की विभौर साहिब सिंचाई परियोजना के आसपास से स्वां चैनलाइजेशन के लिए पत्थर निकालने से परियोजना को हो रहे नुकसान से उत्पन्न स्थिति की ओर सत्ती ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया था।
इस दौरान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी कहा कि यह चिंता का विषय है कि एक काम को पूरा करने के लिए दूसरे को प्रभावित किया जाए। चैनलाइजेशन का कार्य महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे सिंचाई योजना प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स ने कहा कि विभौर साहिब सिंचाई योजना से क्षेत्र की लगभग 40 हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होती है। चैनलाइजेशन के कारण नुकसान किसी भी सूरत में नहीं होना चाहिए। चर्चा में खनन को लेकर उद्योग मंत्री मुकेश अगि्नहोत्री ने कहा कि सिंचाई क्षेत्र के 300 मीटर क्षेत्र में खनन पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। बावजूद इसके इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।
औद्योगिक क्षेत्र के लिए 515 बीघा भूमि
नालागढ़ के धबोटा में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने के लिए 515 बीघा जमीन चिह्नित कर ली है। इस भूमि की पर्यावरण क्लीयरेंस रिपोर्ट बनाकर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को भेज दी है। क्लीयरेंस मिलते ही इस क्षेत्र को औद्योगिक एरिया घोषित किया जाएगा।
नालागढ़ के भाजपा विधायक केएल ठाकुर के सवाल का जवाब देते हुए उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सदन को बताया कि प्रदेश के तीन स्थानों पर सरकारी भूमि में औद्योगिक एरिया स्थापित किया जा रहा है। इस कड़ी में कांगड़ा के कंदरोड़ी और ऊना के पंडोगा को भी औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसके लिए भूमि का चयन किया जा रहा है। इससे संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद औद्योगिक एरिया घोषित किया जाएगा। जल्द ही प्रदेश के तीन अलग-अलग क्षेत्रों को औद्योगिक क्षेत्र का तोहफा मिलेगा। नए औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार करने के लिए प्रदेश सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।