दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (रिपन) (फाइल फोटो)
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राजधानी शिमला में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बाद लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। वहीं बढ़ते मरीजों के चलते जिला प्रशासन ने दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल को फिर से कोविड केयर सेंटर में तबदील करने का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। अगर ऐसा होता है तो अस्पताल में मरीजों के लिए ओपीडी सेवा फि र से एक साल बाद बंद हो सकती है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है।
बीते वर्ष कोरोना कि मामले बढ़ने के बाद प्रदेश सरकार ने क्षेत्रीय अस्पताल डीडीयू को डेडीकेटेड कोविड केयर सेंटर में तबदील कर दिया था। अस्पताल के न्यू ओपीडी ब्लॉक को आइसोलेशन वार्ड में बदला गया था। कोविड सेंटर बनने के बाद परिसर को पूरी तरह सील कर दिया था। प्रबंधन ने यहां पर पहले यहां पर मरीजों के लिए 40 बेड की व्यवस्था की गई थी। लेकिन कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद यहां पर इनकी संख्या को बढ़ाकर 100 कर दिया था।
हालांकि दिसंबर और जनवरी माह में मरीजों की संख्या में कमी आने के बाद अस्पताल को पहले की तरह सामान्य कर दिया गया था। जिसमें कि मरीजों को ओपीडी ऑपरेशन की सुविधा शुरू कर दी थी अस्पताल में औसतन 500 से 600 मरीज इलाज के लिए अस्पताल में आ रहे थे। लेकिन कोरोना के नए स्ट्रेन के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने बताया कि शहर में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए सरकार को डीडीयू अस्पताल को दोबारा से डेडीकेटेड कोविड केयर सेंटर में तब्दील करने को लेकर प्रस्ताव सरकार को भेजा है। इसके अलावा बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अतिरिक्त स्टाफ की मांग भी सरकार से की गई है।