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Shimla News: परवाणू में बारिश से नुकसान का आकलन करेगी डीसी की कमेटी

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विनोद सुल्तानपुरी ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव से सदन में उठाया मामला
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प्रभावित गांवों में बहाली और नुकसान का आकलन तेज करने के दिए जाएंगे निर्देश
नालों पर उद्योग और अतिक्रमण को बताया खतरा, परवाणू-टकसाल-अंबोटा के नालों को दुरुस्त करने की मांग
सात सड़कें खोली गईं, तीन सड़कें दोबारा यातायात के लिए बहाल : राजस्व मंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। परवाणू और आसपास के गांवों में 29 और 30 अगस्त को भारी बारिश से हुए नुकसान का मामला मंगलवार को विधानसभा में उठा। कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति सदन के समक्ष रखी।
उन्होंने नुकसान का आकलन करवाने, बहाली कार्य तेज करने और प्रभावित क्षेत्र के लिए विशेष फंड उपलब्ध करवाने की मांग की। चर्चा के दौरान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने नुकसान का आकलन करने के लिए डीसी सोलन की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।
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सुल्तानपुरी ने कहा कि भारी बारिश से परवाणू और आसपास के 16 गांव प्रभावित हुए हैं। कई स्थानों पर रिटेनिंग वॉल गिरने से लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आपदा जैसी स्थिति बनी हुई है, इसलिए बहाली कार्यों के लिए विशेष फंड उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने नालों पर बने उद्योगों और अतिक्रमण को भी गंभीर खतरा बताया। परवाणू, टकसाल और अंबोटा के नालों को दुरुस्त करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की मिट्टी की बनावट नदी के तल जैसी है, जिससे बारिश के दौरान खतरा बढ़ जाता है।
सुल्तानपुरी ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए टास्क फोर्स गठित करने और विशेष टीम भेजने की मांग की। उन्होंने वैकल्पिक सड़कों के निर्माण के लिए बजट उपलब्ध करवाने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद चलने वाली विंटेज ट्रेन को भी बारिश से नुकसान पहुंचा है।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि परवाणू और आसपास के गांवों में बारिश से नुकसान हुआ है। सोलन समेत प्रदेश के कई जिलों में इस बार भारी बारिश से नुकसान हुआ है, हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार नुकसान कम है। उन्होंने बताया कि सात सड़कें खोली जा चुकी हैं, जबकि तीन सड़कें दोबारा यातायात के लिए बहाल कर दी गई हैं। जलशक्ति विभाग ने पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी है और क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर भी ठीक किए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र की स्थिति का आकलन कर नुकसान कम करने के उपाय किए जाएंगे। सरकार की ओर से अब तक 13 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की जा चुकी है। प्रभावित क्षेत्र को पोस्ट डिजास्टर नीड असेसमेंट (पीडीएनए) में भी शामिल किया जाएगा।
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