जांच के दौरान यह पाया गया कि चुनाव चिह्नों का आवंटन राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं किया गया। आदेशों में उल्लेख किया गया है कि चुनाव चिह्नों का आवंटन हिंदी वर्णमाला क्रम तथा राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिसूचित क्रम संख्या के आधार पर किया जाना आवश्यक था। यह प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम-42 के अंतर्गत निर्धारित है। सहायक निर्वाचन अधिकारी की ओर से चुनाव चिह्नों के आवंटन में निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया और चिह्नों का वितरण प्रावधानों के विपरीत किया गया।
जिला प्रशासन ने इसे चुनाव प्रक्रिया में गंभीर प्रक्रियागत त्रुटि और कर्तव्य में घोर लापरवाही माना है। आदेश में साफ किया गया है कि इस कार्रवाई से चुनाव प्रक्रिया के सुचारू संचालन में बाधा उत्पन्न हुई तथा प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हुई। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि रजनीश चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। आदेशों के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान रजनीश चौहान का मुख्यालय खंड विकास अधिकारी कार्यालय रोहड़ू निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नियमबद्ध तरीके से संपन्न करवाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
चुनावी ड्यूटी में तैनात वाहन न दिए तो संबंधित विभाग पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनावों के दौरान विभिन्न विभागों के वाहनों को चुनावी ड्यूटी में लगाया गया है। लेकिन कई विभाग वाहनों को भेज नहीं रहे हैं। ऐसे विभागों के खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 तथा राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार चुनाव कार्य को अत्यावश्यक सरकारी कार्य माना जाता है। इसलिए संबंधित विभागों को अपने वाहन एवं चालक उपलब्ध करवाने होते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष करवाने में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं होगी। चुनावी ड्यूटी में तैनात कर्मियों को दिशा निर्देशों के मुताबिक ही कार्य का निर्वहन करना होगा।