उपायुक्त शिमला अमित कश्यप (फाइल फोटो)
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महाराष्ट्र का कोरोना पॉजिटिव लदानी ठियोग की पराला मंडी कैसे पहुंच गया। इसकी जांच के डीसी शिमला ने आदेश दे दिए हैं। इस मामले में बरती लापरवाही को लेकर डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस ऑफिसर से भी जवाब तलब किया है। उपायुक्त ने अतिरिक्त उपायुक्त को शुक्रवार को पराला मंडी जाकर व्यवस्थाओं की जांच के निर्देश भी दिए हैं। ठियोग की पराला फल मंडी में कोरोना संक्रमित लदानी के घूमने के बाद कांटेक्ट ट्रेसिंग में 26 लोगों का नाम आने से हड़कंप मच गया है।
लापरवाही के कारण महाराष्ट्र से आया लदानी बिना कोविड रिपोर्ट के पराला मंडी पहुंच गया। लदानी के पास शिमला में प्रवेश से पहले 4 दिन पुरानी कोविड नेगेटिव रिपोर्ट थी लेकिन नियमों के अनुसार 72 घंटों से पुरानी रिपोर्ट मान्य नहीं है। इसलिए इसे दोबारा से कोरोना जांच के लिए सैंपल देने को कहा गया। सैंपल की रिपोर्ट आने से पहले ही बुधवार को यह लदानी पराला मंडी पहुंच गया। सीसीटीवी कैमरों की जांच में पता चला है कि यह लदानी करीब 2 घंटे मंडी की एचएफए फर्म में आढ़तियों के साथ बैठा रहा।
आढ़ती और लदानी के खिलाफ एफआईआर
मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र के लदानी और इसे पराला मंडी ले जाने वाले आढ़ती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है। लदानी के खिलाफ शिमला के ढली थाने में और आढ़ती के खिलाफ ठियोग थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने बताया कि लदानी कैसे मंडी पहुंच गया इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं। बागवानों का भी एहतियात बरतना जरूरी है। फसल के साथ गाड़ी में एक ही बागवान मंडी में आए और माल बेचने के बाद तुरंत लौट जाए।