जयराम मंत्रिमंडल में हमीरपुर को जगह नहीं मिली। हमीरपुर सदर से विधायक नरेंद्र ठाकुर और भोरंज से विधायक कमलेश कुमारी मंत्रिमंडल की दौड़ में थे। कयास लगाए जा रहे थे कि जयराम ठाकुर दोनों में से किसी एक को मंत्रिमंडल में जगह दे सकते हैं लेकिन कार्यकर्ताओं की उम्मीदें धरी रह गईं। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के चुनाव हारने के बाद हमीरपुर जिले की राजनीति हाशिये पर है।
जिला भाजपा अध्यक्ष के पद पर धूमल के कट्टर समर्थक और पूर्व विधायक बलदेव शर्मा की ताजपोशी से विरोधी गुट और धूमल समर्थकों में फूट कई बार सार्वजनिक मंच पर जगजाहिर हो चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि हमीरपुर में राजनीतिक संतुलन बनाने की कड़ी में ही जिले से एक भी विधायक मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हो पाया। अगर ऐसा न होता तो मंत्री पद मिलने के बाद भाजपा का एक धड़ा काफी मजबूत हो जाता। दूसरी तरफ चर्चा यह भी है कि धूमल के आशीर्वाद के बिना मंत्रिमंडल में स्थान पाना मुश्किल था।
शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जा पाया : धूमल
पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और राज्यपाल का व्यक्तिगत तौर पर मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह के लिए न्योता मिला था। लेकिन, कोविड-19 के प्रकोप के चलते वह शिमला नहीं जा पाए।