आईमा गांव में पिता की अर्थी को जब चार बेटियों ने कंधा दिया तो हर किसी की आंख भर आई। बेटियों को बोझ समझने वालों के लिए यह एक बड़ी नसीहत है। बेटियों ने जो किया वह बेटे भी कम ही कर पाते हैं।
हर कोई सोचने पर मजबूर था कि बेटियों को कम आंकना बड़ी भूल है। बेटियां भी बेटों की तरह हर फर्ज अदा कर सकती हैं। रविवार को आईमा गांव में रिटायर कर्नल करतार चंद औहरी (85) का निधन हुआ।