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हिमाचल के सेब को नीदरलैंड और स्पेन की फ्रूट फ्लाई से खतरा

Sun, 11 Nov 2018 06:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में स्पेन और नीदरलैंड से फ्रूट फ्लाई के आने का खतरा है। इसके मद्देनजर केंद्र सरकार ने दोनों ही देशों से सेब और नाशपाती फलों (फ्रेश फ्रूट) के आयात पर बंदिशें लगा दी हैं। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने इसके लिए नई क्वारेनटाइन (वनस्पति  संरक्षण और संग्रहण) अधिसूचना जारी कर दी है। विदेशी फ्रूट फ्लाई हिमाचल, उत्तराखंड और जेएंडके आदि पर्वतीय राज्यों के सेब के लिए खतरे की घंटी की तरह है। इससे बागवानी को भी खतरा हो सकता है।

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केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक भारत के लिए स्पेन और नीदरलैंड से आयात किए जा रहे सेब और नाशपाती के ताजा फलों के साथ फ्रूट फ्लाई देश में पहुंच सकती है। ऐसे में ठीक से उपचार के बाद ही इन दोनों देशों से ताजा फलों का आयात भारत के लिए किया जाए। स्पेन और नीदरलैंड से नेटल फ्रूट फ्लाई सेरेटिटिस रोजा से मुक्त फल ही देश में आने चाहिएं।


 
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इटली से फूलों के बल्ब के आयात पर पाबंदी 

इसके लिए दस दिनों तक जीरो डिग्री तापमान में फलों का शीत उपचार करना जरूरी होगा। यही प्रक्रिया नीदरलैंड से आने वाले फलों पर भी लागू होगी। 
इटली से फूलों के बल्ब के आयात पर ऐसी ही पाबंदी लगाई गई है। यह पाबंदी रेनुनकुलस फूलों के टिश्यू कल्चर पौधों के आयात पर लगी है।

इनके साथ इंपैशेन्स नेक्रोटिक स्पेस वायरस के आने की आशंका है। तीनों देशों से आयात की जा रही सामग्री पर साफ-साफ कह दिया गया है कि वे इन कीटों और वायरस से मुक्त होने के फाइटोसेनिटरी प्रमाणपत्र दें। उसके बाद ही सामग्री भारत के लिए आयात हो। 
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क्या है नेटल फ्रूट फ्लाई 

बागवानी विशेषज्ञ डा. एसपी भारद्वाज का कहना है कि हम सौभाग्यशाली हैं कि अभी तक यह मक्खी हमारे यहां नहीं है। यह बहुत खतरनाक प्रजाति है। यह कई फलों में है, मगर अभी सेब में नहीं आई है।

यह आ गई तो यह सेब, नाशपाती सबको प्रभावित करेगी। नेटल या मेडिटेरेनियन फ्रूट फ्लाई सेरेटिटिस रोजा अफ्रीकी मूल की फ्रू ट फ्लाई है। इसके वयस्क चार से सात मिलीमीटर लंबे होते हैं।

इनके झुके हुए पंख होते हैं। इनमें पीले और काले पैट्रन होते हैं। इसकी 100 से भी अधिक प्रजातियां हैं। यह फलों को नुकसान पहुंचाने वाले खतरनाक कीटों में से एक है। ये पत्तियोें को भी खा जाते हैं। ये फलों की चमड़ी के नीचे अंडे देती हैं। 
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