लाहौल घाटी में चट्टानें गिरने से बिलिंग नाला बड़ी झील में तबदील हो गया है। चंद्र भागा नदी के इस सहायक नाले का पिछले करीब 12 घंटे से प्रवाह रुक गया है। इस झील के फटने से बाढ़ जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है।
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संभावित खतरे को देखकर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। उपायुक्त समेत कई जिला अधिकारियों ने सोमवार को मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। चट्टानें गिरने का सिलसिला जारी है। लोगों की जमीन भू- स्खलन की चपेट में आ गई है।
जिला मुख्यालय केलांग के समीप पहाड़ से चट्टानें और मलबा गिरने से कारण बिलिंग नाले में झील बन गई है। नाले पर बनी इस झील के नीचे केलांग- लेह को जोड़ने वाले पुल के अलावा नाले के पास हिम ऊर्जा का पॉवर हाउस भी है।
ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए हैं। बिलिंग के ग्रामीणों की 3 दोघरी समेत बारह बीघा भूमि भी भूस्खलन की चपेट में आ गई है।
मौका का जायजा लेने के बाद उपायुक्त लाहौल-स्पीति बीर सिंह ठाकुर ने कहा कि सोमवार सुबह 9:30 से नाले का प्रवाह रुका हुआ है। प्रोजेक्ट को संभावित खतरे के मद्देनजर हिम ऊर्जा को सूचित कर दिया है। के लांग को जोड़ने वाले पुल पर सतर्कता के लिए पुलिस जवान तैनात किए गए हैं।
सरकार से मांगी मदद
उपायुक्त लाहौल-स्पीति वीर सिंह ठाकुर ने बताया कि झील से पानी को बाहर निकालने के लिए प्रशासन भू- गर्भ वैज्ञानिकों की मदद लेगा। विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि कोई जानी नुकसान न हो, इसके लिए आपदा प्रबंधन पर सरकार से बात की जा रही है।