पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर
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इस बरसात में भारी बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश में 1306 मकानों को नुकसान पहुंचा है। पक्के और कच्चे घरों के अलावा गोशालाओं और दुकानों को क्षति पहुंची है। यह जानकारी गुरुवार को सदन में नगरोटा बगवां के भाजपा विधायक अरुण कुमार की ओर से लाए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कही। भाजपा विधायक अरुण कुमार ने गुरुवार को प्रदेशभर में भारी बारिश से घरों को हुए नुकसान और मरम्मत के लिए त्वरित आर्थिक सहायता न मिलने से उत्पन्न स्थिति के निपटारे पर ध्यान आकर्षित करने का प्रस्ताव रखा।
इस पर पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि ऐसे मामलों में स्थानीय प्रशासन मौके की रिपोर्ट राजस्व विभाग के माध्यम से एकत्र करता है। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत भारी बारिश से जो मकान गिरने की स्थिति में हैं, उन लाभार्थियों को योजना में तभी लाभान्वित किया जा सकता है, यदि वे गरीबी रेखा से नीचे निर्वहन कर रहे हों और ग्राम सभा की ओर से उनका नए गृह निर्माण के लिए चयन किया गया हो। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के 152 मामले निपटारे के लिए सरकार के विचाराधीन हैं। इन्हें जल्द आवंटित किया जाएगा।
मकान क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में 1,01,900 रुपये दिए जा रहे : कंवर
पंचायती राजमंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण घरों को होने वाले नुकसान पर हिमाचल प्रदेश आपदा राहत नियमावली और भारत सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार केवल सहायता राशि दी जाती है। पक्का या कच्चा मकान पूर्ण रूप या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में 1,01,900 रुपये दिए जाते हैं। पक्का मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर 12,500 रुपये, कच्चा मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो तो 10 हजार रुपये, पशुशाला, दुकान की क्षति होने पर 10 हजार रुपये की मदद दी जाती है। झुग्गी झोपड़ी की क्षति हो तो 4,100 रुपये दिए जा सकते हैं।