फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पर्यटन नगरी डलहौजी का नाम बदलने का मुद्दा फिर उछला, सुब्रमण्यम स्वामी ने हिमाचल के राज्यपाल को लिखा पत्र

Mon, 07 Jun 2021 02:36 AM IST
Krishan Singh विशाल आनंद, अमर उजाला, डलहौजी (चंबा)

सार

डलहौजी को अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान साल 1854 में कर्नल नेपियर ने पांच पहाड़ियां पर बसाया था। उन्होंने लार्ड डलहौजी के नाम पर इस शहर का नाम रखा था। 1873 में रवींद्रनाथ टैगोर डलहौजी आए थे। वहीं 1937 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस भी डलहौजी पहुंचे थे। 
विज्ञापन
राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल डलहौजी का नाम बदलने का मुद्दा फिर सामने आया है। राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को लिखे अपने पत्र में कहा है कि पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट अजय जग्गा की पुरानी मांग पर विचार करते हुए इस शहर का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर कर दिया जाए।  स्वामी ने लिखा है कि वर्ष 1992 में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भी इसे लेकर एक अधिसूचना जारी की थी, लेकिन बाद में कांग्रेस सरकार ने उसे रद्द कर आदेश पलट दिया था।

विज्ञापन


स्वामी ने इस चिट्ठी के जरिये राज्यपाल से आग्रह किया है कि डलहौजी का नाम बदलने के लिए वह मुख्यमंत्री को आदेश जारी करें और साल 1992 की अधिसूचना को लागू करवाएं। गौरतलब है कि डलहौजी को अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान साल 1854 में कर्नल नेपियर ने पांच पहाड़ियां पर बसाया था। उन्होंने लार्ड डलहौजी के नाम पर इस शहर का नाम रखा था। 1873 में रवींद्रनाथ टैगोर डलहौजी आए थे। वहीं 1937 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस भी डलहौजी पहुंचे थे। हालांकि डलहौजी के निवासी और पर्यटन व्यवसायी डलहौजी का नाम बदले जाने के पक्ष में नहीं हैं। वे इसका विरोध कर चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें