प्रदेश की योल छावनी के बाद अब डलहौजी छावनी को सिविल क्षेत्र में मिलाने की कवायद शुरू हो गई है। रक्षा मंत्रालय ने इसके लिए इसके लिए डलहौजी छावनी के सीईओ को एक सप्ताह में छावनी की अधिसूचना रद्द करने और इसकी रिपोर्ट डीजीडीआई को सौंपने के लिए कहा है।
डीडीजी (छावनी) अमित कुमार ने इसकी रिपोर्ट मांगी है। इससे पहले प्रदेश की योल छावनी को भी सिविल क्षेत्र में मिला दिया गया है। वहीं अगर डलहौजी छावनी को भी सिविल क्षेत्र में मिलाया जाता है तो यह प्रदेश की दूसरी छावनी बनेगी जो छावनी क्षेत्र से बाहर होगी।
वहीं रक्षा संपदा विभाग के डीडीजी (छावनी) अमित कुमार ने 20 नवंबर को वर्चुअल बैठक आयोजित की। जिसमें प्रधान निदेशक रक्षा संपदा पश्चिमी कमान चंडीगढ को निर्देश दिए कि वह राज्य सरकार से डगशाई, कसौली, बकलोह, जतोग, सुबाथू छावनी क्षेत्र को बाहर करने के लिए संपर्क करें और इसमें तेजी लाएं। इसके बाद अब प्रदेश की अन्य छावनियों के लोगों में भी खुशी की लहर है।
जल्द यह छावनियां भी अब सिविल क्षेत्र में मिलाई जा सकती है। उधर छावनी एसोसिएशन के महासचिव मनमोहन शर्मा ने कहा कि प्रदेश की छावनियों के लोगों को अब उम्मीद है कि वह जल्द ही छावनियों से बाहर हो जाएंगे। उन्होंने राज्य सरकार से इस कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया।