धर्मगुरु ने बताया कि रोहतांग में बौद्ध धर्म के लोग उनसे मिलने पहुंचे। लोगों ने पूछा कि बौद्घ धर्म क्या है? धर्मगुरू ने बताया कि बौद्ध धर्म का मतलब बुद्धं शरणं गच्छामि, धर्मं शरणं गच्छामि है।
इसका अर्थ भगवान बुद्ध और धर्म की शरण में जाना है। हर जीव आत्मा के प्रति दया, सम्मान और विश्व शांति और हर जीव के कष्ट को दूर करने का प्रयास करना ही सही मायने में बुद्ध धर्म है।
मनुष्य के अच्छे कर्म ही उसे महान बनाते हैं। अच्छा बनने के लिए धर्म के मार्ग पर चलें और उसमें बताए गए जीवन के मूल्यों को अपनाएं। दलाईलामा ने कहा कि भगवान की शरण में जाने से मनुष्य को अलौकिक शांति मिलती है। वह चिंता से मुक्त होता है