दलाई लामा ने कहा कि मैं अपनी आयु के 80 वर्ष पूरे कर चुका हूं। मेरी यह इच्छा है कि मैं अपने जीवन के 90 या 100 साल भी पूरे कर लूंगा, तो भी तिब्बत के लिए कार्य करता रहूंगा।
धर्मगुरु दलाई लामा की लंबी आयु के लिए शुक्रवार सुबह 1,500 तिब्बतियों ने मुख्य तिब्बती मंदिर में प्रार्थना सभा की। इस दौरान दलाई लामा ने कहा कि मैं अपनी आयु के 80 वर्ष पूरे कर चुका हूं। मेरी यह इच्छा है कि मैं अपने जीवन के 90 या 100 साल भी पूरे कर लूंगा, तो भी तिब्बत के लिए कार्य करता रहूंगा। मेरा स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक है और दिमाग में भी अपने कार्य के प्रति स्पष्टता है। ऐसे में मुझमें और 20 साल तक जीने की इच्छा है। तिब्बत के भाग्य का सूरज एक बार फिर से चमकेगा। तिब्बत एक बार फिर से स्वतंत्रता प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि चीन में बैठे बहुत से लोग तिब्बत के महत्व पर ध्यान दे रहे हैं।
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वैज्ञानिकों सहित दुनिया भर के लोग तिब्बती परंपराओं के प्रति दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसका कारण इतना ही है कि तिब्बत का अस्तित्व हमेशा मजबूती के साथ टिका रहेगा और तिब्बती संस्कृति पूरी दुनिया के कल्याण में अपना योगदान देगी। उन्होंने कहा कि मैंने राजनीतिक जीवन से संन्यास ले लिया है। अब यहां पंडित जवाहर लाल नेहरू की ओर से बताई गई खूबसूरत कांगड़ा घाटी में भारत सरकार का मेहमान बनकर रह रहा हूं।