कैंसर से बाल-बाल बचे बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा आज अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं। कर्नाटक के मुंडगोड इलाके में तिब्बती परंपरा के अनुसार दलाईलामा ने अपने परिवार के साथ सुबह सुबह 6 बजे तिब्बत के तक्सर के देवता की पूजा-अर्चना की। दलाईलामा की दीर्घायु के लिए देश-दुनिया में प्रार्थनाएं हो रही हैं।
दरअसल, कुछ माह पहले ही दलाईलामा को प्रोस्टेट की समस्या हो गई थी। घाव ज्यादा थे जो बाद में प्रोस्टेट कैंसर का रूप ले सकते थे। लेकिन, समय रहते तीन माह पहले ही अमेरिका में प्रोस्टेट सर्जरी करवाने के बाद दलाईलामा पूर्णतया स्वस्थ हो गए हैं। इसी दौरान तिब्बती ज्योतिषियों ने मैकलोडगंज में अपने सम्मेलन में धर्मगुरु के 113 वर्ष तक जीने की भविष्यवाणी की थी।
कैंसर से बचने का जिक्र दलाईलामा ने दो माह पहले धर्मशाला के अपने दोस्त परमानंद शर्मा से भी किया था। परमानंद शर्मा दलाईलामा की करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा किताबों का हिंदी अनुवाद कर चुके हैं।
80 वर्ष पूरे करना बड़ी उपलब्धि
तिब्बती परंपरा में जब कोई 80 वर्ष पूरे करता है तो इसे बड़ी उपलब्धि माना जाता है। इसलिए, पिछले वर्ष तिब्बती कैलेंडर के अनुसार जब धर्मगुरु दलाईलामा ने 23 जून को 80वां जन्मदिन मनाया तो दुनिया भर में जश्न का माहौल रहा। पूरा वर्ष दलाईलामा को समर्पित कर दिया गया।