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साइबर ठगी: बुजुर्ग और महिलाएं ही नहीं...उद्योगपति और पुलिस-सैन्य अफसर भी जाल में फंस रहे; ये बने ठगों का शिकार

Tue, 08 Apr 2025 03:11 PM IST
शाहरुख खान सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला, शिमला

सार

Digital Scam Case: साइबर ठग अलग-अलग हथकंडे अपनाकर हर किसी को अपना शिकार बना रहे हैं। चाहे वो जीवनभर की जमा पूंजी के सहारे गुजर बसर कर रहे बुजुर्ग हों या महिलाएं। दूसरों को साइबर ठगी से बचने की सलाह देने वाले पुलिस व सेना के अफसरों से लेकर अरबों का कारोबार संभालने वाले उद्योगपति... सभी इन शातिरों के जाल में फंस रहे हैं। साइबर ठगों का शिकार हुए ऐसे कुछ लोगों की कहानी
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Cyber Fraud - फोटो : FREEPIK
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विस्तार
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Cybercrime News India: हिमाचल की राजधानी शिमला के पॉश इलाके में चार मंजिला कोठी के आसपास सन्नाटा पसरा है। घंटी बजाने पर सहमी हुई बुजुर्ग महिला आधा दरवाजा खोलती हैं। परिचय देने पर धीमे से कहती हैं-कुछ नहीं कहना। नाम पता साझा न करने की शर्त पर अंदर बुलाती हैं। 70 साल की इस महिला के पति सेवानिवृत अधिकारी हैं। बहुत कुरेदने पर बताती हैं कि ठग एक ही झटके में जीवनभर की जमा पूंजी ले गए।
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महिला ने कहा कि बीते 29 नवंबर को पति के फोन पर अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और नाम लेकर का कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग, देह व्यापार जैसे 55 मामले दर्ज हैं। उनके सिम कार्ड का इस्तेमाल हुआ है। बुजुर्ग डर जाते हैं। 

वीडियो कॉल में कुछ लोगों को पुलिस की वर्दी में बैठे दिखाया गया। कॉल काटने पर गिरफ्तार करने की चेतावनी दी। वीडियो कॉल पर अरेस्ट वारंट दिखाया, जिसमें कोर्ट की स्टांप थी। चेतावनी दी कि किसी को बताया तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लेंगे। मामला राष्ट्रीय सुरक्षा का है। 
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कुछ देर बाद कॉल करने वाले ने हमदर्दी जताते हुए कहा कि वे उसे निर्दोष लग रहे हैं, इसलिए गिरफ्तारी में जल्दबाजी नहीं कर रहे। हमने खातों, निवेश आदि का सारा ब्योरा साझा किया। दो दिन बाद कहा कि संपत्ति की जांच करनी होगी। बैंक में जो पैसे जमा हैं, वे आरबीआई के खाते में ट्रांसफर करें। इसे चेक करने के बाद वापस उनके खाते में डाल देंगे।

केस-1
मानो हिप्नोटाइज किया 

बुजुर्ग महिला ने बताया कि जैसे उन्हें हिप्नोटाइज किया गया हो। वह खुद बैंक गई और 50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने आरबीआई की एक रसीद भी व्हाट्सएप पर डाली। एक बार फिर 32 लाख और 10 लाख रुपये उनके खातों में डाले। बेटे ने उन्हें पांच लाख रुपये भेजे, जो जमानत के नाम पर ट्रांसफर कर दिए। करीब 97 लाख लूटने के बाद भी साइबर ठगों ने उन्हें चार दिन और निगरानी में रखा। 16 दिन के बाद उन्हें छोड़ा।

केस-2
नकली कोर्टरूम बनाकर वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन से ठग लिए सात करोड़ रुपये

देश के बड़े कारोबारियों में शुमार वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन पदम भूषण एसपी ओसवाल जैसे दिग्गज उद्योगपति भी साइबर ठगों के बिछाए जाल में फंस गए। ठगों ने नकली सीबीआई अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट किया और 7 करोड़ रुपये ठग लिए। इसके लिए ठगों ने नकली कोर्टरूम तक तैयार कर दिया। एसपी ओसवाल भी समझ बैठे कि उन्हें सचमुच गिरफ्तार किया जा रहा है। ठगों ने इस कदर उलझाया कि ओसवाल ने सात करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। शिकायत के एक माह बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गुवाहटी से काबू कर लिया। दोनों से 5.27 करोड़ बरामद करवाए गए। जांच के दौरान इसमें दस लोगों के शामिल होने की बात सामने आई।

केस-3
पूर्व डीजीपी से एप डाउनलोड करवाई, फिर निकाल ली रकम

तेजतर्रार आईपीएस अफसरों में शुमार रहे हिमाचल के पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी ने गूगल सर्च इंजन पर दर्शाए गए शॉपिंग कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर फोन किया। साइबर अपराधियों ने इसे फर्जी बनाया था। शातिरों ने समस्या का समाधान करने के लिए उनसे मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाया। फिर बैंक खाते से 49,900 और 30,000 हजार रुपये निकाल लिए गए। अभी तक न ठग पकड़े गए और न ही उन्हें ठगी की रकम मिल पाई। 

केस-4
वीडियो लाइक कर स्क्रीन शॉट भेजने का जॉब आफर कर ठगा

लंदन में रहने वाली एनआरआई महिला गृहनगर रांची आईं तो साइबर ठगों ने व्हाट्सएप से संपर्क किया। इंस्टाग्राम पर वीडियो लाइक कर स्क्रीनशाॅट भेजने का पार्टटाइम जॉब ऑफर किया गया। इन्हें हर टास्क के पैसे दिए जाते थे। कुछ टास्क के पैसे देकर ठगों ने इन्हें विश्वास में लिया। इसके बाद टेलीग्राम से दिए गए टास्क पूरा करने के लिए इन्हें विभिन्न बैंक खाताओं में पैसे डालने के लिए बोला गया। फिर एक वेबसाइट पर अकाउंट बनाने के लिए कहा, जहां किए गए निवेश का मुनाफा दिखाई देगा। इस तरह उनसे 29.94 लाख की साइबर ठगी कर ली। 
 

केस-5
रिटायर्ड कर्नल को 10 दिन तक  रखा डिजिटल अरेस्ट, ठगे करोड़ों

साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त कर्नल और पत्नी को डिजिटल अरेस्ट कर 3.4 करोड़ ठग लिए। कर्नल दलीप सिंह ने बताया कि 18 मार्च, को उन्हें अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि वह 5,038 करोड़ के घोटाले की जांच कर रहे हैं। केनरा बैंक, मुम्बई के खाते से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनका नाम आ रहा है। आरोपी ने उनकी सभी तरह की बचत और निवेश के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर ली। उसके बाद ठगों ने दंपति को 18-27 मार्च की अवधि में अलग-अलग खातों में 3.4 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। 

केस-6
सरकारी योजनाओं का झांसा देकर गर्भवती को ठगा

आंध्र प्रदेश में ठगों ने गर्भवती महिलाओं को व्हाट्सएप कॉल किया। फोन में सीएम की तस्वीर को डिस्प्ले पिक्चर (डीपी) के रूप में इस्तेमाल किया था। इसके बाद फर्जी लिंक और संदेश भेजकर जेएसवाई के तहत 70 हजार तक की वित्तीय सहायता का वादा किया गया। महिलाओं को व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के लिए कहा। इससे ठगों ने पीड़िता के मोबाइल नंबर से जुड़े खातों तक पहुंच बनाई और पैसे निकाल लिए। 
 
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केस-7
आपके आधार नंबर से चीन गई ड्रग्स, कह लूटे 18.65 लाख

हिमाचल के परवाणू में रह रहे मुंबई के एक व्यक्ति ने बताया कि 7 अक्तूबर को एक फोन आया। खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए व्यक्ति ने कहा कि आपके आधार कार्ड का प्रयोग चीन को पार्सल भेजने के लिए हुआ है। इसमें अवैध ड्रग्स व कुछ संदिग्ध सामान है। आधार कार्ड की जांच के लिए रुपये भेजें, वरना अरेस्ट करना पड़ेगा। दबाव में उन्होंने 18.65 लाख रुपये बताए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। शातिरों ने इसकी रसीदें भी भेजीं। 16 अक्तूबर को बताया कि केस खत्म हो गया है और फिर फोन बंद हो गया। 
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