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साइबर क्राइम: बिजली बिल जमा करने के लिए उपभोक्ताओं को भेजे जा रहे फर्जी मैसेज, बोर्ड ने सचेत रहने को कहा

Sat, 31 Aug 2024 03:49 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, राजा का तालाब(कांगड़ा)

सार

 कांगड़ा जिले की उपतहसील राजा का तालाब के अंतर्गत लोगों को विद्युत विभाग के नाम से फर्जी मैसेज मिल रहे हैं। 
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साइबर ठगी (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की उपतहसील राजा का तालाब के अंतर्गत लोगों को विद्युत विभाग के नाम से फर्जी मैसेज मिल रहे हैं। साइबर अपराधी उपभोक्ताओं को बिजली बिल जमा नहीं होने पर विद्युत बोर्ड के नाम से फर्जी  एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज भेजकर लोगों को चूना लगाने की फिराक में है। ऐसे ही एक मामले में वरोह निवासी महिला सुनीता देवी को हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के नाम से अंकित एक प्रिंट मैसेज की कॉपी व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी गई, जिसमें उन्हें बिजली का बिल जमा नहीं होने की बात कही गई थी और बिजली कनेक्शन रात 9:30 बजे काटने का जिक्र किया था।

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साथ ही इस विषय में अधिक जानकारी के लिए एक मैसेज में अंकित अन्य मोबाइल नंबर पर बात करने के लिए कहा था। जब उपभोक्ता ने उस नंबर पर संपर्क किया तो दूसरी तरह से जवाब आया कि वह विद्युत मंडल रैहन से बोल रहा है। उपभोक्ता ने जब पूछा कि उनका 3600 रुपये का बिल जमा होने के बावजूद उनके पास अपडेट नहीं हुआ है। ऐसे में फर्जी मैसेज भेजने वाले व्यक्ति ने  बिल की कंज्यूमर आईडी मंगवा ली और अपडेट करने के लिए 100 भेजने की बात कही। इस पर उपभोक्ता को शक हुआ और उसने जान-पहचान वाले एक विद्युत अधिकारी से इस विषय में पूछा तो मालूम हुआ कि उक्त मैसेज फर्जी है। अधिकारी ने कहा कि ठग को अपनी जानकारी शेयर करने से आपके बैंक अकाउंट खाली हो सकता है।
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इसके बाद उपभोक्ता ने तत्काल बैंक में फोन करके अपनी यूपीआई आईडी को ब्लॉक करवाया। इस विषय में जब विद्युत मंडल फतेहपुर के अधिशासी अभियंता रजनीश शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि  बिजली बोर्ड ने उपभोक्ताओं को ऐसे कोई मैसेज जारी नहीं किए हैं। उन्होंने लोगों को अनुरोध किया कि सूझबूझ से काम लेकर ऐसे फर्जी मैसेज से सचेत रहें। बिल की कंज्यूमर आईडी शेयर न करें और विशेष रूप से ओटीपी शेयर करने से बचें। उन्होंने कहा कि बिजली बिल से संबंधित ऐसे किसी कार्य के लिए विभाग  उपभोक्ता को व्यक्तिगत नंबर से मैसेज नहीं भेजता है।  बिल से संबंधित ऐसी किसी जानकारी के लिए उपमंडलीय अधिकारी से संपर्क करें। बता दें, उपभोक्ता ऐसे  फर्जी मैसेज को देखकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी शेयर करते हैं और साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं। 
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