अनजान नंबरों से आने वाली कॉल पर बात कर अपने बैंक की निजी जानकारी देकर हिमाचल के लोग अपनी गाढ़ी कमाई लुटा रहे हैं। पिछले एक महीने में हिमाचल प्रदेश के साइबर पुलिस थाने में दो दर्जन से ज्यादा ऐसी शिकायतें पहुंची हैं जिनमें कार्ड बंद होने का हवाला देकर ठग खाताधारक से खाते की पूरी जानकारी हासिल कर ओटीपी इस्तेमाल कर खाते से सारी रकम उड़ा देते हैं।
कई मामलों में तो साइबर क्राइम पुलिस ने शिकायतकर्ताओं की रकम वापस कराई है लेकिन जिन मामलों में पूरी तरह से खाताधारक की गलती सामने आ रही है उन्हें अब बैंक पैसा लौटाने में आनाकानी कर रहे हैं। डीएसपी साइबर क्राइम नरवीर राठौर ने कहा कि ज्यादातर मामलों में लोगों को कॉल कर ठग कार्ड बंद होने का हवाला देकर नए कार्ड को जारी करने के लिए एटीएम का नंबर या पिन नंबर हासिल कर लेते हैं।
इसके अलावा कुछ मामलों में ओटीपी ग्राहक से ही लेकर उसके खाते की रकम उड़ा रहे हैं। जाहिर है ऐसे मामलों में भले ही जांच एजेंसी फ्राड का मामला बताकर रकम वापसी के लिए लिख रही है लेकिन बैंक खाताधारक की गलती बताकर पैसा लौटाने से इंकार कर रहे हैं।
ऐसे में लोगों को इस बात के लिए सचेत रहना चाहिए कि वह बैंक से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी किसी अनजान को न बताएं। राठौर ने कहा कि अगर बैंक संबंधी कोई कॉल आता है तो उस कॉलर से जानकारी साझा करने के बजाय सीधे बैंक शाखा से संपर्क करना चाहिए ताकि ठगी की गुंजाइश न रह सके।