मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न जिलों में लोगों की आवाजाही के लिए बिना किसी पास के अनुमति होगी, लेकिन अंतरराज्यीय आवाजाही के लिए पास की आवश्यकता होगी। देश के अन्य हिस्सों से आने वाले लोगों को क्वारंटीन में रहना होगा। उन्होंने कहा कि रेड जोन से आने वाले लोगों को संस्थागत क्वारंटीन में रखा जाएगा और अन्य क्षेत्रों से आने वाले लोगों को होम क्वारंटीन में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्थागत क्वारंटीन में रखे गए लोगों को कोविड-19 टेस्ट नेगेटिव आने के बाद ही घर जाने की अनुमति दी जाएगी।
जय राम ठाकुर ने कहा कि 25 अप्रैल से अब तक देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे 1.60 लाख से अधिक हिमाचलवासी राज्य में वापिस पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 91,000 को होम क्वारंटीन और 7000 से अधिक को संस्थागत क्वारंटीन में रखा गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों के संपर्कों का पता लगाने और स्क्रीनिंग करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि उन लोगों का समय पर उपचार और वायरस को फैलने से रोका जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होम क्वारंटीन सुविधाओं को मजबूत तथा अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधियों को बड़े पैमाने में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे लोगों को होम क्वारंटीन नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए प्रेरित करें।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव प्रबोध सक्सेना, जेसी शर्मा और ओंकार शर्मा तथा मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डीसी राणा व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।