राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टियां बढ़ाने का फैसला लिया है। लॉकडाउन और कर्फ्यू को देखते हुए प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, क्रेच और सिनेमाघर आदि को तीन मई तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। हिमाचल एपीडेमिक डिजीज कोविड-19 रेगुलेशन 2020 के अंतर्गत जारी आदेश मानना कानूनी बाध्यता होगी।
इसके अलावा प्रदेश भर में सामाजिक, सांस्कृतिक, खेल, राजनीतिक, धार्मिक, अकादमिक, पारिवारिक समूहों आदि को इकट्ठा होने या किसी भी कार्यकलाप के लिए प्रतिबंधित किया है। अतिरिक्त मुख्यसचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी किए गए है। ब्यूटी पार्लर, जिम, सैलून, क्लब, स्विमिंग पूल, गोल्फ क्लब, खेल परिसर आदि भी बंद रहेंगे।
कोरोना वायरस से निपटने के लिए लागू लॉकडाउन और कर्फ्यू को देखते हुए हिमाचल सरकार ने तीन मई तक सभी निजी और सरकारी बसों के साथ टैक्सियों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध जारी रखने का फैसला लिया है। अंतरराज्यीय और राज्य के भीतर ऑटो रिक्शा समेत सभी तरह के वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके साथ ही ट्रेनों और वाणिज्यिक हवाई उड़ानों पर पूरी तरह रोक रहेगी। जरूरी होने पर निजी वाहनों का संचालन सिर्फ अस्पतालों और अनिवार्य सेवाओं के लिए किया जाएगा।
सभी सरकारी कार्यालयों को भी तीन मई तक बंद रखने का फैसला लिया है। सरकार के अनुसार आपातकालीन और अनिवार्य सेवाओं वाले कार्यालयों को छोड़कर सभी सार्वजनिक कार्यालय बंद रहेंगे। सरकार ने कर्मचारियों को घर पर रहने के आदेश दिए हैं और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करने को कहा है। कर्मचारियों को स्टेशन न छोड़ने के लिए कहा गया है क्योंकि उन्हें किसी भी समय अल्प सूचना पर ड्यूटी के लिए बुलाया जा सकता है।
इन पर लागू नहीं होंगे आदेश
सरकार के ये आदेश आपातकालीन और अनिवार्य सेवाओं देने वाले कार्यालयों, संस्थानों, वाणिज्यिक स्थापनाओं, फैक्टरियों, वर्कशॉपों, गोदामों, दुकानों, स्टोरों, उत्पादन इकाइयों, वाहनों, अस्पतालों, पेट्रोल पंपों, तेल एजेंसियों, ई-कॉमर्स डिलीवरी आदि पर लागू नहीं होंगे।
अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान ने साफ किया है कि तब्लीगी जमात से जुड़े प्रदेश के सभी लोगों के सैंपल लेकर जांच की जा चुकी है। साथ ही उनके संपर्क में सबसे पहले आए लोगों के भी सैंपल लिए जा चुके हैं और उनकी जांच की जा रही है। कहा कि इसके बाद अब उनके सेकेंडरी कांटेक्ट की भी जांच की जाएगी। प्रदेश में घर घर में कोरोना पेशेंट की तलाश के लिए एक्टिव केस फाइंडिंग कैंपेन के दौरान जो लोग फ्लू से ग्रस्त मिले हैं, उनके भी सैंपल लेकर जांच की जा रही है। क्वारंटीन पीरियड पूरा कर चुके लोगों को उनके घरों में तय मानक के तहत भेजा जा रहा है।
वहीं, कोविड-19 की कवरेेज के दौरान पत्रकारों के खिलाफ चंबा, मंडी, हमीरपुर में मामले दर्ज किए जाने के मामले में धीमान व सूचना एवं जनसंपर्क सचिव रजनीश ने कहा कि संबंधित जिलों के डीसी से बात की जाएगी और आगे ऐसे टकराव की स्थिति न बने, इसे सुनिश्चित किया जाएगा। हालांकि, यह जरूर स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की फेक न्यूज को वायरल न होने देने और ऐसे कंटेंट को हटवाने व उसे फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।