दशहरा बैठक के दौरान हुई चर्चा, मंदिर ट्रस्ट की ओर से नौ दिनों तक किया जाएगा आयोजन
फरीदाबाद, राजस्थान और हरियाणा के कलाकारों की टीमों से चल रही बात
भारती शर्मा
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक जाखू मंदिर में इस वर्ष पहली बार रामलीला का मंचन किया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट की ओर से रामलीला के आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए विशेष रूप से फरीदाबाद, राजस्थान और हरियाणा से कलाकारों से बातचीत चल रही है।
भगवान हनुमान को समर्पित इस ऐतिहासिक मंदिर में पहली बार रामलीला का मंचन होने से यह धार्मिक आयोजन खास बनने जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट का प्रयास है कि रामलीला का मंचन भव्य तरीके से किया जाए और इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हो सकें। शिमला शहर में अभी तक मुख्य रूप से नाभा और बीसीएस क्षेत्र में रामलीला का मंचन किया जाता रहा है। इन स्थानों पर हर वर्ष रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। अब जाखू मंदिर में भी रामलीला का मंचन शुरू होने से शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का दायरा बढ़ेगा। जाखू मंदिर राजधानी का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है। यहां वर्षभर स्थानीय लोगों के साथ देश-विदेश से पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में रामलीला के आयोजन से मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल और अधिक जीवंत होने की उम्मीद है। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य एवं निगम पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि बैठक के दौरान रामलीला के मंचन पर विशेष रूप से चर्चा हुई है। इसके लिए अंतिम फैसला प्रशासन की ओर से लिया जाएगा।
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कोट
मंचन से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर चल रही बातचीत : अंकुश
इस वर्ष जाखू मंदिर में रामलीला का मंचन करवाने की योजना है। इसके लेकर कलाकारों के चयन और आयोजन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत चल रही है। यह कार्यक्रम नौ दिनों तक चलेगा जिसका समापन दशहरे वाले दिन किया जाएगा। रामलीला का मंचन आरती के बाद करीब 6:30 बजे तक शुरू किया जाएगा जो करीब 9:00 बजे तक चलेगा। साेमवार को रामलीला के मंचन का अंतिम फैसला आएगा।
...अंकुश वर्मा, सदस्य मंदिर ट्रस्ट एवं नगर निगम पार्षद