कला संगम संस्था की ओर प्रस्तुति नृत्य नाटिका में 18 छात्राओं ने दिखाया हुनर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर के बहुद्देशीय हॉल में रविवार को वायडब्ल्यूसीए स्थित कला संगम संस्था की ओर से एक घंटे दस मिनट की नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। यह नृत्य नाटिका अटल बिहारी वाजपेयी की 10 कविताओं पर आधारित है। इसमें संस्था की 18 छात्राओं ने भाग लिया और अपना हुनर दिखाया।
यह नृत्य नाटिका भारत रत्न कवि अटल बिहारी वाजपेयी की पावन स्मृति में शाम 5.30 बजे पेश की गई। इसका निर्देशन कला संगम संस्था की निर्देशक और शिमला की कलाकार पूनम शर्मा ने किया। इसमें प्रस्तुति देने वाली 18 छात्राओं में अर्चना, नीलम, दिव्या, ज्योतिका, ऐनी, समिक्षा, सुहानी, शाक्षी, राहत, दिव्यांशी, हिमांशी, समायरा, हिताक्षी, अंजली, सीरत, शिवांगी और अदिति शामिल रहीं। अटल स्वरांजलि में कवि अटल की 10 कविताओं और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी रचना रश्मिरथी आधारित ऐतिहासिक प्रस्तुति पेश की गई। खास बात यह है कि यह रश्मिरथी काव्य का 75वां हीरक जयंती वर्ष चल रहा है। इस दौरान कलाकारों ने अटल स्वरांजलि कार्यक्रम में अटल की पंक्तियां हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा, कदम मिलकर चलना होगा और आओ फिर से दिया जलाए की प्रभावी और प्रेरणादायी प्रस्तुति देकर सभी दर्शकों का मन मोह लिया।
इस प्रस्तुति का उद्देश्य राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर, लोकमान्य तिलक, स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर, महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना आजाद, मुंशी प्रेमचंद, राष्ट्रकवि दिनकर और कवि अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को अपना लक्ष्य बनाकर सांस्कृतिक भारत के निर्माण के अभियान को जन-जन तक पहुंचा रहा। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में पंजाब नेशनल बैंक के जोनल मैनेजर राजेश ने कहा कि साहित्य संस्कृति से ही रचनात्मक समाज का निर्माण कर सकते है। उन्होंने कलाकारों की शानदार प्रस्तुति की सराहना की और कला संगम के निर्देशक पूनम शर्मा को बधाई दी।