शिमला में बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स की उपस्थिति में एमओयू पर साइन करते अधिकारी।
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हिमाचल प्रदेश में न्यूजीलैंड की गोल्डन और व्हाइट स्ट्रॉबेरी उगाई जाएगी। इनसे बागवानों को अच्छे दाम मिलेंगे। प्रदेश बागवानी विभाग पांच साल तक इसकी टेक्नोफिजिबलिटी देखेगा। इसके लिए रविवार को शिमला के नवबहार में उद्यान विभाग के निदेशक और आरबीए हॉर्टिकल्चर इंडिया लिमिटेड के मुख्य प्रबंधक निदेशक अनिल कुमार सचदेवा के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
ये हस्ताक्षर बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स की उपस्थिति में किए गए। आरबीए हॉर्टिकल्चर सोलन जिले के गौड़ा में फल संतति एवं प्रदर्शन उद्यान में न्यूजीलैंड से लाए गए पौधे उगाएगा। इन दोनों के अलावा एवोकैडो फल भी उगाया जाएगा। स्टोक्स ने कहा कि इन तीनों फलों की किस्मों को प्रदेश के निचले और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगाया जा सकेगा।
तीनों फलों को कंपनी की ओर से समझौता ज्ञापन के अनुसार विभाग के फल संतति एवं प्रदर्शन उद्यान गौड़ा में लगभग दो हेक्टेयर क्षेत्र में उगाया जाएगा। न्यूजीलैंड के अलावा इन फलों के पौधों को ऑस्ट्रेलिया से आयातित कर रोपा जाएगा। समझौता ज्ञापन के अनुसार पांच साल की अधिकतम अवधि तक तकनीकी दृष्टि से औद्यानिकी एवं बागवानी विश्वविद्यालय नौणी के सहयोग से अध्ययन किया जाएगा। सफल परीक्षण के बाद इन फलों की पौध को इच्छुक बागवानों को उपलब्ध करवाया जाएगा।
बागवानी निदेशक ने कहा कि ये कंपनी इन फलों के पौधों की प्रोसेसिंग भी करेगी। इसके लिए कंपनी की ओर से बाकायदा एक फैक्टरी लगाई जाएगी। बागवानों की इस फसल की मार्केटिंग भी करेगी। इस अवसर पर कंपनी के दो अन्य अधिकारी निदेशक विधि आरएस मोदी और वित्त निदेशक देव प्रकाश शर्मा समेत उद्यान विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।