हिमाचल के पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी ने कहा कि देवभूमि में बढ़ रही चिट्टा तस्करी पर लगाम कसने को पुलिस ने कड़ा फैसला लिया है। पुलिस ने ऐसा प्रावधान किया है कि अब चिट्टा बेचने वालों के खिलाफ धारा 308 (गैर इरादतन हत्या की कोशिश) लगाई जाएगी।
इस धारा के तहत आरोपी को कड़ी सजा होगी। इसके अलावा नशे के खिलाफ पुलिस महाजागरूकता अभियान शुरू करेगी। पंचायत के वार्ड स्तर तक नशा निवारण कमेटियों का गठन किया जाएगा। मरडी वीरवार को एसपी दफ्तर में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अपराध कम करने के लिए प्रदेश के हर अहम स्थान पर इतने ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगा दिए जाएंगे कि अपराधी का भागना मुश्किल हो जाएगा। मरडी ने कहा कि हिमाचल में पुलिस कर्मचारियों की संख्या 1972 में तय स्टाफ के बराबर है। 37 वर्ष बीतने के बाद जनसंख्या बढ़ी है।
ऐसे में अपराध रोकने के लिए ज्यादा स्टाफ की जरूरत है। इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। डीजीपी ने दावा किया कि प्रदेश में पिछले वर्ष के मुकाबले हत्याओं की संख्या कम हुई है। पिछले साल 71, जबकि इस वर्ष 43 हत्याएं हुई हैं। रिश्वत के साथ पकड़े जा रहे पुलिस अधिकारियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह बहुत खुश हैं कि पुलिस अधिकारी भी ट्रैप हो रहे हैं।
पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड जल्द गिरफ्त में होगा
डीजीपी मरडी ने कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड जल्द गिरफ्त में होगा। बीच में वह अपने रिश्तेदार के घर गया था। पुलिस ने रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर लिया है। नूरपुर में एसपी दफ्तर खोलने को लेकर सरकार को प्रस्ताव भेजा है।