क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में एसआईटी आयकर विभाग से भी जानकारियां जुटा रही है। आयकर विभाग ने इन आरोपियों का रिकाॅर्ड खंगालने में जुटा है। लोगों को ठगकर कैसे आरोपी इतने कम समय में करोड़पति बन गए, आयकर विभाग के अधिकारी पता लगाने में जुट गए हैं। ऐसे में इन आरोपियों पर आयकर विभाग का भी शिकंजा कर सकता है। क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले का मुख्य आरोपी फरार है। अब तक की जांच में ढाई लाख से अधिक लोगों की आईडी बने होने का खुलासा हुआ है।
आरोपियों ने हिमाचल के साथ ही कई अन्य राज्यों में भी ठगी का जाल बिछाया और चंद सालों में लाखों लोगों के साथ धोखाधड़ी को अंजाम दिया। विभिन्न माध्यमों से 2300 करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन सामने आ चुकी है। आने वाले समय में ये आंकड़ा बढ़ भी सकता है। पुलिस एसआईटी अब तक इस मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसमें ज्यादातर लोग जिला मंडी के बताए जा रहे हैं। हालांकि बाहरी राज्यों के लोग भी इन आरोपियों के संपर्क में हैं। ऐसे में हिमाचल पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर इन आरोपियों को पकड़ने में लगी है। पंजाब पुलिस ने भी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।