क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में पांच महिलाएं पुलिस एसआईटी के रडार पर हैं। पुलिस को संदेह है कि महिलाओं ने भी आरोपियों के साथ बतौर एजेंट काम किया है। एसआईटी की ओर से आरोपियों और अन्य लोगों से की जा रही पूछताछ में भी इन महिलाओं के नाम आ रहे हैं। दो महिलाएं हमीरपुर और एक-एक सोलन, जीरकपुर (पंजाब) से हैं। पांचवीं महिला की जानकारी एकत्र की जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी पुलिस से महिलाओं का ब्योरा मांग चुकी है। गिरफ्तारी से पहले एसआईटी इसके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा रही है। इससे पहले एसआईटी एक महिला को गिरफ्तार भी कर चुकी है। अब तक मामले में 10 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। वहीं, अब तक आरोपियों की साढ़े नौ करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की जा चुकी है।
पुलिस का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने का झांसा देकर लोगों को ठगने के मामले में सैकड़ों लोगों की चेन बनी है। जिनकी ठगी में संलिप्तता है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी के डर से कुछ एजेंट लोगों का पैसा भी लौटाने लगे हैं। यह काम गुपचुप तरीके से चल रहा है। पुलिस इन लोगों पर भी नजर बनाए हुए हैं। प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए डीआईजी अभिषेक दुल्लर की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की है। आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए डीआईजी ने पांच से छह टीमें बनाई हैं। आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग से टीम है। पूछताछ करने, संपत्ति जब्त करने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है।