गौरतलब है कि 32 वर्षीय योगेश राजगढ़ से एक महीना पहले ही ट्रांसफर होकर शिलाई के जेएमआईसी में तैनात हुआ था। 11 मई को अचानक योगेश ने अपने घर पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम नाहन मेडिकल कॉलेज से कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया था। कच्चा टैंक पुलिस आत्महत्या के कारणों को जांचने के लिए मृतक योगेश के घर पर भी गई।
लेकिन, उन्हें कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। किरण जब घर में बिस्तर झाड़ रही थी तो उसे चादर के नीचे योगेश के हाथ से लिखा सुसाइड नोट मिला। मृतक की पत्नी सुसाइड नोट को लेकर कच्चा टैंक पुलिस चौकी पहुंची। सुसाइड नोट में राजगढ़ की कथित महिला की ओर से झूठे रेप केस में फंसाने की एवज में 20 लाख रुपये की मांग की गई थी। महिला के साथ-साथ राजगढ़ के ही दो व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं, जो इसके लिए उस पर दबाव बना रहे थे।
पुलिस ने सुसाइड को आधार मानते हुए मृतक की पत्नी की ओर से आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एएसपी वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर महिला और अन्य दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि लिखावट को परीक्षण के लिए लैब में भेजा जाएगा। पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।