शिमला निवासी एक महिला और उसके तीन परिजनों के खिलाफ झारखंड के बोकारो शहर के एक थाने में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज हुई है। एफआईआर दर्ज कराने वाले व्यापारी का आरोप है कि फेसबुक के जरिये पहले महिला ने दोस्ती की। इसके बाद आर्थिक परेशानी का हवाला देते हुए मदद के नाम पर 1.43 करोड़ रुपये अपने व अपने माता-पिता व भाई के बैंक खातों में जमा कराए।
कुछ समय बाद जब लौटाने के लिए कहा तो पहले आनाकानी की लेकिन बाद में अपनी हिमाचल में मौजूद 1.43 करोड़ की संपत्तियां नाम करने का झांसा देकर गायब हो गए। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत करने वाले बोकारो निवासी संजय कुमार पेशे से प्रोजेक्ट उपकरण एवं निर्माण कंपनी चलाते हैं।
बकौल संजय कुमार मार्च 2018 में उनकी दोस्ती फेसबुक के जरिये शिमला के ओल्ड बस स्टैंड निवासी अलीशा कश्यप से हो गई। सितंबर 2018 में अलीशा बोकारो आई और वहां कर्ज में दबे होने का हवाला देकर मदद की बात कही। उन्होंने कहा कि नवंबर 2019 तक पैसा लौटा देंगी जिसके बाद संजय ने अलीशा के अलावा पिता मनोज सूद, माता आरती सूद और भाई अनिकेत सूद के बैंक खातों में व नकद में कुल 1 करोड़ 43 लाख 60 हजार रुपये दे दिए।
संजय ने बताया कि नवंबर 2019 में जब रकम वापस लेेने के लिए संपर्क किया तो पहले तो अलीशा ने पैसे न होने और उसके बदले हिमाचल में मौजूद संपत्तियां उनके व उनके दोस्त के नाम करने की बात कर दी। इस दौरान दो एग्रीमेंट भी कर दिए लेकिन इसके बाद वह फरार हो गई। बोकारो पुलिस ने अब मामले में अलीशा व उनके परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।