दो मासूम बच्चों सहित पत्नी की बेरहमी से हत्या करने वाला नेपाली मूल का आरोपी बेशक अभी फरार है। पुलिस उसे ढूंढने के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही है। मामला शिमला जिला के रोहड़ू का है।
बताया जाता है कि नेपाली जय चंद झालड़ी गांव में मुकुंद लाल के बगीचे में मजदूरी करता था। सोमवार रात वह बहुत ज्यादा नशे में था। इसी नशे में उसने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी।
ढारे में पहुंचने के बाद उसने धारदार हथियार से पत्नी कृष्णा (38), बेटी अंजू (5) और बेटे काका (डेढ़ साल) की निर्मम हत्या कर दी। घटना के समय मौके पर मौजूद उसकी तीन बेटियों ने भाग कर जान बचाई।
सुबह लगा वारदात का पता
जुब्बल पुलिस के अनुसार आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गया और मंगलवार सुबह तक किसी को भी इस तिहरे हत्याकांड का पता नहीं था।
मंगलवार सुबह जब स्थानीय शख्स उक्त व्यक्ति के घर में किसी काम से आया तो उसने बच्चों और महिला की खून से सने शवों को देखा। इसके फौरन बाद स्थानीय शख्स ने मामले की सूचना पुलिस को दी।
पुलिस मामले की सूचना मिलते ही मौके वारदात पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बच्चों को इस बेरहमी से काटा था कि देखने वाले भी सन्न थे।
मुकद्दमा दर्ज, हत्यारे की तलाश में पुलिस
हत्या की सूचना मिलते ही मौके वारदात पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। इसके बाद पुलिस तीनों शवों को थाने ले गई। शवों का पोस्टमार्टम करने संबंधित प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वहीं पुलिस ने आरोपी के खिलाफ तिहरे हत्याकांड का मुकद्दमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। अभी तक बच्चों के नाम और पत्नी की शिनाख्त नहीं हो पाई है।
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया है और सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी उत्तराखंड राज्य की सीमा से भागने की फिराक में होगा। इसके साथ ही आसपास के जंगलों में भी दबिश दी जा रही है।
डब्बल मर्डर केस का आरोपी अभी भी फरार
रोहडू़ में विगत सप्ताह ही नेपाली मूल के शख्स ने मां बेटे की हत्या को अंजाम दिया था। मगर अभी तक इस हत्या के मामले में भी पुलिस आरोपियों को पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाई है।
अभी पुलिस उक्त डब्बल मर्डर केस को लेकर ही असमंजस में थी कि अब तिहरे मर्डर केस ने पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दी है। रोहड़ू क्षेत्र में बगीचों में काम करने के लिए बड़ी संख्या में नेपाली मूल के लोग यहां रहते हैं। मगर आए दिन हो रही हत्या की घटनाओं में नेपालियों की संलिप्तता से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।