विशेष न्यायाधीश चंबा पदम सिंह की अदालत ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी राजदेव सिंह जसरोटिया को भ्रष्टाचार मामले में दोष साबित होने पर दो वर्ष की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। इसी मामले में पैसा पहुंचाने पर आंध्रप्रदेश के दो लोगों को छह-छह माह की कैद और पांच हजार जुर्माना लगाया है।
विजिलेंस की ओर से 11 फरवरी 2010 को न्यायालय में मामला दर्ज करवाया गया था। इसमें विजिलेंस को गुप्त सूचना मिली थी कि तत्कालीन एसडीएम चुराह राजदेव सिंह निवासी पालमपुर (कांगड़ा) बिजली कंपनियों से अवैध वसूली कर नकदी ले जा रहे हैं। विजिलेंस टीम ने चंबा-पठानकोट मार्ग पर हटली मोड़ पर नाका लगाया और वाहन नंबर एपची-44ए-0029 को जांच के लिए रोका।
गाड़ी में चालक के साथ अगली सीट पर राजदेव सिंह जसरोटिया बैठे थे। तलाशी के दौरान जसरोटिया के पास रखे 11 लाख 90 हजार रुपये बरामद किए गए। जांच में पाया कि एसडीएम चुराह के पद पर रहते राजदेव सिंह ने अवैध रूप से एक पन विद्युत परियोजना से पैसे प्राप्त किए।
जांच में यह भी सामने आया था कि इसी परियोजना के दो कर्मचारी केवी कृष्णा मोहन राय निवासी अनंतपुर आंध्र प्रदेश व सीएच रेड्डी निवासी आंध्र प्रदेश ने यह राशि राजदेव सिंह तक पहुंचाई थी। तकरीबन पांच वर्षों तक यह मामला चंबा न्यायालय में चला। न्यायालय में राजेदव और परियोजना के कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार का दोष साबित हुआ। मामले की पैरवी जिला न्यायवादी एसएस पठानिया ने की है।