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शिमला बसस्टैंड पर एक और युवक की हत्या

Fri, 23 Jan 2015 08:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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शहर में हुए दो ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस को एक और लाश मिलने की खबर ने चौंका दिया। वीरवार को यह लाश टूटीकंडी आईएसबीटी के नजदीक खनोग में मिली।
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शव की पहचान दिली बहादुर चौधरी (42) के तौर पर हुई है। इसके नाक से खून निकल रहा था। इसके पास कपड़ों से भरे दो बैग और बीस रुपये मिले हैं। नेपाल की नागरिकता के पहचानपत्र की मदद से इसकी शिनाख्त हो पाई।

यह अपने भांजे के साथ हीरानगर के पास खनेट गांव में रहता था। भांजा संजीत भी गायब बताया जा रहा है। दिली बहादुर को खनेट गांव में आखिरी बार 19 जनवरी को देखा गया था।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में होगा खुलासा

पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी भिजवा दिया है। यह हत्या है या कुछ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इसका खुलासा हो पाएगा।

वीरवार दोपहर करीब बारह बजे पुलिस को सूचना मिली की खनोग में झाड़ियों में एक लाश झाड़ियों में पड़ी हुई है। ऐसा लग रहा था इस तंग जगह पर उसे किसी ने धकेल दिया हो।

एसपी और एएसपी सिटी टीम के साथ मौके पर पहुंचे वारदात स्थल का मुआयना करने के बाद शव को आईजीएमसी भेजने के निर्देश दे दिए। घटनास्थल पर शराब की एक खाली बोतल और सील बंद पानी की बोतल मिली है।

कपड़ों के दोनों बैग बंद पड़े थे। उसकी जेब से एक मोबाइल नंबर भी मिला है जो एक नेपाली मूल के व्यक्ति का है। उसे पुलिस ने बुला लिया है और उससे पूछताछ चल रही है। एएसपी सिटी भजन देव नेगी ने कहा कि कुछ लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है जांच चल रही है।

बदमाशों के निशाने पर नेपाली?

इसके पास से बरामद दो बैगों से साफ है कि दिली बहादुर कहीं जा रहा था। पुलिस को अंदेशा है कि किसी ने उसके साथ दोस्ती लगाई और उसे बहका कर खनोग की ओर ले गया। वहां उसके पैसे छीन कर फरार हो गया होगा।

इस दिशा में भी जांच चल रही है। कुछ साल पहले पुराने आईएसबीटी में भी ऐसा ही एक गिरोह सक्रिय था जो नेपालियों को अपना निशाना बनाता था।

यहां कमाई करने के बाद जब नेपाल जाते हैं तो उनके पास अच्छी खासी रकम होती है। उन्हें खाने में कुछ मिलाकर बेसुध कर देते और पैसा लूट लेते थे। थाना सदर में ऐसे मामले आए थे। क्या फिर से ऐसा कोई गिरोह सक्रिय तो नहीं हो गया।
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पुलिस हुई परेशान, जनता में खौफ

आखिर कौन है जो इस तरह की संगीन वारदातों को अंजाम दे रहा है। इससे पहले इन मामलों की तह तक जाते तीसरी लाश मिलने के बाद पुलिस महकमे के माथे में चिंता की लकीरें खींचने लग गई है।

वहीं शहरवासी भी आए दिन होने वाली हत्या की वारदातों से खौफजदा है। हत्यारों के न पकड़े जाने से लोग कानून व्यवस्‍था को लेकर चिंतित हैं।

एसपी डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि वह मौके पर गए थे। घटनास्थल पर ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं जिससे हत्या का मामला प्रतीत हो। उसके शरीर पर चोटों के कोई निशान नहीं थे। हालांकि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि यह हत्या न हो। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के असल वजह सामने आ पाएगी।
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